इस देश से आ रहा है 11 हजार मीट्रिक टन प्याज, जल्द मिल सकती है राहत!

महंगा प्याज आम लोगों के आंसू निकाल रहा है. सरकार ने जनता को राहत प्रदान करने के लिए अब तुर्की से 11 हजार मीट्रिक टन प्याज का आयात करने का फैसला किया है.

इस देश से आ रहा है 11 हजार मीट्रिक टन प्याज, जल्द मिल सकती है राहत!
प्याज की बढ़ी हुई कीमतों ने किचन का बजट बिगाड़ दिया है.

नई दिल्ली: महंगा प्याज आम लोगों के आंसू निकाल रहा है. प्याज की बढ़ी हुई कीमतों ने किचन का बजट गड़बड़ा दिया है. सरकार ने जनता को राहत प्रदान करने के लिए अब तुर्की से 11 हजार मीट्रिक टन प्याज का आयात करने का फैसला किया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि MMTC ने 11 हजार मीट्रिक टन प्याज के आयात का आदेश दे दिया गया है. इसके अलावा, सरकार ने मिस्त्र से 6090 एमटी प्याज आयात किया है. यह दिसंबर के मध्य तक भारत पहुंचेगा, जिससे कीमतों में थोड़ी राहत की उम्मीद की जा रही है. 

केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने अपने एक ट्वीट में कहा, "उपभोक्ता मामले विभाग ने MMTC को तुर्की से 11 हजार टन प्याज का आयात करने के निर्देश दिए हैं. यह प्याज दिसंबर के आखिर और जनवरी की शुरुआत से मिलने लगेगा. यह 11 हजार टन, इजिप्ट से दिसंबर के मध्य में पहुंच रहे 6090 टन प्याज के अतिरिक्त होगा." 

दिसंबर के मध्य तक ही मिलेगी राहत
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के ट्वीट से ही स्पष्ट है कि दिसंबर मध्य तक ही जनता को महंगे प्याज से थोड़ा राहत मिल सकती है. इससे पहले, 27 नवंबर को पासवान को प्याज की बढ़ती कीमतों से पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि कीमतें कम करना सरकार के हाथ में नहीं है. पासवान ने कहा था कि दुनियाभर में प्याज की कीमतें बढ़ रही है, इसलिए भारत में भी इसका असर दिख रहा है.  

ram vilas Paswan

उधर, दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय मंत्री पासवान से अनुरोध किया है कि वह जनता के हितों को ध्यान में रखकर नाफेड (NAFED) को दिल्ली में 15.60 रुपये प्रतिकिलो प्याज की आपूर्ति करने का आदेश दें. दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रतिकिलो के स्तर पर पहुंच गई हैं. इससे पहले, 20 नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट ने 1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज का आयात करने के आदेश दिए थे.

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इसलिए बेकाबू हुए प्याज के दाम 
इस साल मॉनसून सीजन के दौरान कई राज्यों में बहुत ज्यादा बारिश हुई. इससे प्याज की फसल खराब हो गई. बारिश के कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और प्याज उत्पादक कुछ अन्य राज्यों में फसल को 75 से 85 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है. सरकार भी हालात को देर से समझ पाई और समय रहते प्याज के निर्यात पर रोक नहीं लगाई. इसके साथ ही उसने रबी सीजन में 500 करोड़ रुपये के ऑपरेशन ग्रीन फंड से पर्याप्त मात्रा में प्याज नहीं खरीदा