Chandrashekhar Pakhmode: मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े का चलते-चलते निधन हो गया. इस मौत की वजह से हाहाकार मचा है. उनके निधन के बाद लोग इस तरह के कयास लगा रहे हैं. जानिए.
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Chandrashekhar Pakhmode: नागपुर के मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े की अचानक मौत की वजह से पूरे देश में भूचाल मचा है, नॉर्मल ECG होने के बावजूद तीन दिन के बाद चंद्रशेखर पखमोड़े का निधन हो गया. उनकी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, लोग हैरान-परेशान हैं कि मेडिकली फिट रहने के बावजूद भी उनका निधन कैसे हो गया? उनकी डेथ की इनसाइड स्टोरी क्या है आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार के साथ.
कौन थे डॉक्टर पखमोड़े?
डॉक्टर चंद्रशेखर पखमोड़े एक मशहूर न्यूरोसर्जन थे. उनकी अचानक मौत ने मेडिकल जगत में सदमे की लहर दौड़ा दी है और छिपे हुए दिल के खतरों के बारे में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां तक कि उन डॉक्टरों में भी जो मेडिकली फिट दिखते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्मल ECG होने के बावजूद, डॉ. पखमोड़े सिर्फ तीन दिन बाद गुजर गए. यह एक ऐसी घटना है जो बहुत ज्यादा काम के तनाव के खतरों को दिखाती है.
कैसी रहती थी दिनचर्या?
ECG ने दिया झूठा भरोसा
पखमोड़े ने मौत से पहले अपना ECG करवाया था. ECG में किसी भी तरह के खतरनाक लक्षण नहीं दिखे थे. उन्हें इस रिपोर्ट पर पूरा भरोसा था लेकिन कुछ ही क्षण में ये टूट गया. जिससे ये बता चलता है कि ECG से सभी तरह की दिल की बीमारियों को पता नहीं चलता है. इसमें साइलेंट कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रेस से होने वाली दिल की समस्याएं, प्लाक का फटना या अचानक दिल की धड़कन का रुक जाना और दिल की कई जानलेवा घटनाएं बिना किसी पहले से चेतावनी वाले लक्षणों के होती हैं.
नींद की कमी हो सकती है जानलेवा?
इसके अलावा डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक काम करना, पुराना स्ट्रेस, आराम की कमी और अनियमित खाना खाने से कार्डियक रिस्क काफी बढ़ जाता है, साथ ही एक सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा कि सर्जन अक्सर अपनी हेल्थ को नजरअंदाज करते हैं. हाई स्ट्रेस हॉर्मोन, नींद की कमी और लगातार प्रेशर से नॉर्मल टेस्ट रिजल्ट के बावजूद जानलेवा कार्डियक इवेंट हो सकते हैं.