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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश और आम जनता की सहूलियत से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है. इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026' को मंजूरी देना रहा. इस कड़े और पारदर्शी कानून को लागू करने वाला छत्तीसगढ़ पूरे देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जिससे प्रदेश में व्यापार और निवेश करना बेहद आसान हो जाएगा.
कैबिनेट में इसके अलावा सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, टैक्स रिफंड को तेज करने और बस्तर में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने से जुड़े 10 अन्य बड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई है.
कैबिनेट बैठक के 10 मुख्य फैसले और उनका असर
देश में पहला होगा छत्तीसगढ़: कैबिनेट ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026' को मंजूरी दे दी है. इसके लागू होते ही निवेशकों और व्यापारियों को सरकारी मंजूरियों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सुगम होगी.
बिजली भुगतान की नई व्यवस्था: राज्य में अब बिजली बिलों के भुगतान के लिए 'डायरेक्ट डेबिट मैंडेट' (DDM) व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं का समय बचेगा.
बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में बदलाव: स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'बस्तर फाइटर्स भर्ती एवं सेवा नियम-2026' में संशोधन को स्वीकृति दी गई है.
प्राइवेट यूनिवर्सिटीज पर कसा शिकंजा: निजी विश्वविद्यालय कानून में संशोधन को मंजूरी मिली है. अब राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर (अधोसंरचना) से कोई समझौता नहीं किया जा सकेगा.
टैक्स विवादों और रिफंड में बड़ी राहत: कैबिनेट ने वैट (VAT) और जीएसटी (GST) संशोधन विधेयकों को मंजूरी दी है. इससे जहां वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जाएगा, वहीं व्यापारियों के लिए जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी.
निवेशकों के लिए आसान हुए नियम: 'औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून' में संशोधन किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में नया उद्योग लगाने वाले निवेशकों को नियमों में अधिक छूट और सुविधाएं मिलेंगी.
नवा रायपुर के प्लॉट आवंटियों को बड़ी छूट: नवा रायपुर में भूखंड (प्लॉट) लेने वाले लोगों के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026' योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे वे पुराने बकाए का निपटारा आसानी से कर सकेंगे.
जल प्रदूषण नियंत्रण कानून लागू: राज्य में 'जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024' को लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा.
मकान मालिक-किरायेदार विवादों का तुरंत निपटारा: भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई है. अब किरायेदारी से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के लिए अदालती चक्कर नहीं काटने होंगे.
राजनांदगांव को मिला भव्य ऑडिटोरियम: सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव में 2000 सीट की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु सरकारी जमीन के आवंटन को मंजूरी दी गई है.