Chief Justice BR Gavai: 6 अक्टूबर को राकेश किशोर नाम के वकील ने चीफ जस्टिस की तरफ जूता उछालने की कोशिश की थी. जिसके बाद इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसका जिक्र संभवत चीफ जस्टिस ने एआई के दुरुपयोग को लेकर की गई याचिका पर टिप्पणी के दौरान किया है.
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AI misuse: AI के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर चीफ जस्टिस बी आर गवई ने टिप्पणी की है. उन्होंने यह टिप्पणी AI के दुरुपयोग को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान की है. दरअसल, याचिकाकर्ता ने भारतीय न्यायपालिका से AI के इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए दिशा निर्देश तय करने की मांग की है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस बी आर गवई ने कहा कि उन्होंने खुद को लेकर भी AI से तैयार किया गया वीडियो देखा है.
सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश
देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं. जिसको एक्सपर्ट बहुत हानिकारक मानते हैं. एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर की गई टिप्पणी पर माना जा रहा है कि चीफ जस्टिस का उन पर इशारा जूता फेंकने की कोशिश करने वाली घटना से जुड़ा हुआ है. जब 6 अक्टूबर को राकेश किशोर नाम के वकील ने चीफ जस्टिस की तरफ जूता उछालने की कोशिश की थी. जिसके बाद इस पूरा घटना को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसका जिक्र संभवत चीफ जस्टिस ने एआई के दुरुपयोग को लेकर की गई याचिका पर टिप्पणी के दौरान किया है.
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एआई का गलत इस्तेमाल
सुप्रीम कोर्ट में दायर दायर याचिका में न्यायपालिका को जनरेटिव एआई के खतरों पर ध्यान देने की बात कही है. क्योंकि इस तकनीक के गलत और भ्रामक इस्तेमाल से अधूरी जानकारी मिलने का अंदेशा है. याचिकाकर्ता का मानना है कि कोर्ट की सुनवाई के फर्जी वीडियो न्यायपालिका की साख को नुकसान पहुंचा सकते है, जिससे जनता के बीच लत संदेश जाएगा. इसलिए कोर्ट AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर दिशा निर्देश तय करे. हालांकि, चीफ जस्टिस बी आर गवई ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा कि आप क्या चाहते है कि यह याचिका आज ही खारिज कर दूं या दो हफ्ते बाद सुनवाई के लिए लगा दिया जाए. जिसके बाद कोर्ट ने आखिरकार दो हफ्ते के लिए मामले की सुनवाई को टाल दिया है.