मुख्यमंत्री पवन चामलिंग बोले,'डोकलाम गतिरोध के दौरान केंद्र ने सिक्किम को अंधेरे में रखा'

पवन चामलिंग ने कहा,‘इतने तनाव भरे समय में भी मैंने गतिरोध के बारे में जो कुछ सुना और देखा वह टीवी और अखबारों के जरिए ही सुना और देखा.’ 

मुख्यमंत्री पवन चामलिंग बोले,'डोकलाम गतिरोध के दौरान केंद्र ने सिक्किम को अंधेरे में रखा'
मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने कहा कि सिक्किम सरकार का रुख था कि वह देश की गरिमा और सुरक्षा के लिए अपनी क्षमता के मुताबिक हर कदम उठाएगी. (फोटो साभार @Beautiful Sikkim)

गंगटोक:  सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने कहा है कि चीन के साथ डोकलाम के मुद्दे पर गतिरोध के दौरान केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को अंधेरे में रखा. उन्होंने कहा कि न तो केंद्र सरकार और न ही भारतीय थलसेना ने उन्हें हालात के बारे में कोई सूचना दी. 

चामलिंग ने सिक्किम के दौरे पर गए पश्चिम बंगाल के कुछ पत्रकारों से सोमवार हुई बातचीत में कहा,‘इतने तनाव भरे समय में भी मैंने गतिरोध के बारे में जो कुछ सुना और देखा वह टीवी और अखबारों के जरिए ही सुना और देखा.’ उन्होंने कहा कि डोकलाम के मुद्दे पर सिक्किम के लोगों में एक तरह का डर था. 

डोकलाम मुद्दे पर भारत-चीन के बीच 73 दिन तक गतिरोध रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम सरकार का रुख था कि वह देश की गरिमा और सुरक्षा के लिए अपनी क्षमता के मुताबिक हर कदम उठाएगी. पिछले साल 16 जून से डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच 73 दिनों तक गतिरोध कायम रहा था. गतिरोध की शुरुआत तब हुई थी जब भारत ने विवादित क्षेत्र में चीनी सेना की ओर से एक सड़क के निर्माण को रुकवा दिया था. गतिरोध 28 अगस्त को खत्म हुआ था. 

दार्जिलिंग में अलग राज्य के संदर्भ में सिक्किम और पश्चिम बंगाल के संबंधों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चामलिंग ने कहा कि उन्होंने एक से ज्यादा बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी और उन्हें पहाड़ों में शांति बनाए रखने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का यकीन दिलाया था.

देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का कीर्तिमान कायम कर चुके चामलिंग ने कहा कि दोनों राज्य पर्यटन एवं उद्योग जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के संसाधनों को साझा करने पर सहमत हुए हैं. 

(इनपुट - भाषा)