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मुख्य सचिव हाथापाई मामला: पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए AAP के 2 विधायक

मुख्य सचिव के साथ कथित मारपीट मामले में नितिन त्यागी और राजेश ऋषि को गुरुवार शाम 4 बजे पूछताछ के लिए सिविल लाइन्स बुलाया गया था.

मुख्य सचिव हाथापाई मामला: पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए AAP के 2 विधायक
आम आदमी पार्टी के विधायकों पर दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट का आरोप है (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पिछले महीने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई कथित हाथापाई मामले में दिल्ली पुलिस ने आप के 2 विधायकों को पूछताछ के सिलसिले में तलब किया था लेकिन दोनों में से कोई भी पेश नहीं हुआ. पुलिस का कहना है कि उन्हें इसके लिए एक और मौका दिया जाएगा. मुख्य सचिव के साथ कथित मारपीट मामले में नितिन त्यागी और राजेश ऋषि को शाम चार बजे पूछताछ के लिए सिविल लाइन्स बुलाया गया था.अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर) हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा, ‘‘ वे नहीं आए. हमें उन्हें फिर समन जारी करेंगे और अगर वह फिर भी नहीं आते हैं तो अदालत की मदद लेंगे ताकि उनसे पूछताछ की जा सके.’’

पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी नगर से विधायक त्यागी ने दावा किया कि वह कोलकाता में हैं. उन्होंने पूछताछ के लिए पेश होने के लिए एक हफ्ते का समय और मांगा. जबकि जनकपुरी से विधायक ऋषि ने दावा किया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वह पुलिस थाने नहीं जा सके. अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मामले में नितिन त्यागी और राजेश ऋषि की भूमिका जांच के दायरे में है क्योंकि 19 और 20 फरवरी की रात जब यह घटना हुई तब वे मुख्यमंत्री आवास पर बैठक में मौजूद थे.

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केजरीवाल, उनके सलाहकार वी के जैन और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा 11 विधायक उस दिन मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मौजूद थे . पुलिस के एक दल ने 23 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की और हार्ड डिस्क को अपने कब्जे में ले लिया.इस मामले में आप के दो विधायक अमानतुल्ला खान और प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार किया गया था और जैन से भी पूछताछ की गई.

AAP विधायक की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का पुलिस को नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आप विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत याचिका पर शहर की पुलिस से गुरुवार (1 मार्च) को जवाब मांगा. जारवाल को दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित हाथापाई मामले में गिरफ्तार किया गया था. न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और उन्हें सात मार्च तक इस मामले में स्थिति रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया. जारवाल को सत्र अदालत ने यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि उन्होंने 56 वर्षीय अधिकारी के ‘‘सम्मान से खुलेआम खिलवाड़’’ किया. जिसके बाद विधायक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. विधायक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम जॉन ने अदालत को बताया कि मामले में जांच पूरी हो चुकी है और अब उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है.

जॉन ने कहा, ‘प्रबुद्ध सत्र न्यायाधीश इस पर गौर नहीं कर पाए कि प्राथमिकी अगले दिन दोपहर एक बजे दर्ज करवाई गई. यह ध्यान में रखते हुए कि शिकायतकर्ता (प्रकाश) खुद एक शक्तिशाली पद पर हैं और दिल्ली पुलिस के सर्वोच्च अधिकारियों से उनका सीधा संपर्क है, यह विलंब काफी अधिक है.’ उन्होंने कहा, ‘ऐसे में यह साफ है कि प्राथमिकी दर्ज करवाने का फैसला बाद में लिया गया और इसके पीछे उद्देश्य याचिकाकर्ता और अन्य को इसमें फंसाना था.’

(एजेंसी इनपुट के साथ)