जनसंख्या विस्फोट पर राज्यसभा में चर्चा, 'भगवान-अल्लाह के नाम पर पैदा हो रहे बच्चों से स्थिति होगी चिंताजनक'

देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों ने कहा कि यदि जनसंख्या इसी तरह बढ़ती रही तो विकास की सभी योजनाएं बेमानी हो जाएंगी. भाजपा के अशोक बाजपेयी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया. 

जनसंख्या विस्फोट पर राज्यसभा में चर्चा, 'भगवान-अल्लाह के नाम पर पैदा हो रहे बच्चों से स्थिति होगी चिंताजनक'
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों ने कहा कि यदि जनसंख्या इसी तरह बढ़ती रही तो विकास की सभी योजनाएं बेमानी हो जाएंगी. भाजपा के अशोक बाजपेयी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी दुनिया की कुल आबादी का 17.5 प्रतिशत है और हमारे पास धरती का केवल 2.4 फीसदी हिस्सा है. हमारे संसाधन भी आबादी के लिहाज से सीमित हैं.

उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या वर्ष 2022 में चीन से अधिक हो जाएगी और साल 2050 तक हमारी आबादी एक अरब 66 करोड़ होगी. बाजपेयी ने कहा कि सरकार विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है लेकिन अगर आबादी पर नियंत्रण नहीं हुआ तो इन योजनाओं का कोई मतलब नहीं होगा.

चिंताजनक स्थिति 
उन्होंने सरकार से आबादी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. भाजपा के ही विजय पाल सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 1951 में देश की आबादी 36 करोड़ थी, जो हर साल दो करोड़ की दर से बढ़ते हुए अब 135 करोड़ हो चुकी है. उन्होंने कहा, 'भगवान' और 'अल्लाह' के नाम पर बच्चे पैदा किए जा रहे हैं, लेकिन इससे आने वाले समय में स्थिति और अधिक चिंताजनक होगी. इसलिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि जनसंख्या पर काबू पाया जा सके.

राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने कई अल्पसंख्यक संस्थानों में रिक्तियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद एजुकेशनल फाउंडेशन में तीन साल से कोई डायरेक्टर नहीं था और सिर्फ छह महीने पहले ही नियुक्ति की गई है. इस तरह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के अध्यक्ष का पद भी काफी दिनों तक खाली रहा. उन्होंने कहा कि भाषाई अल्पसंख्यक आयोग में कोई नियुक्ति नहीं की गई. उन्होंने कहा कि नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन में न अध्यक्ष हैं और न कोई सदस्य.