कश्मीर में कठोर सर्दियों की 40 दिनों की अवधि 'चिल्लई-कलां' की शुरुआत आज से

कश्मीर में कठोर सर्दियों की 40 दिनों की अवधि 'चिल्लई-कलां' की शुरुआत आज से हुई. ये 40 दिन ऐसे होते हैं जब बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आती है. 

कश्मीर में कठोर सर्दियों की 40 दिनों की अवधि 'चिल्लई-कलां' की शुरुआत आज से
बर्फ़बारी के कारण जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है.

श्रीनगर: कश्मीर में कठोर सर्दियों की 40 दिनों की अवधि 'चिल्लई-कलां' की शुरुआत आज से हुई. ये 40 दिन ऐसे होते हैं जब बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आती है. बर्फ़बारी के कारण जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है. 

स्थानीय नागरिक अब्दुल रशीद कहते हैं "बहुत ठंड पड़ती इन 40 दिनों में, लोग ठंड के कारण परेशान होते हैं." सुहैल कहते हैं "यह मौसम 40 दिनों का होता है. हमरे यहां चिलाई कलां में बहुत ठंड होती है. इस मौसम में काफी बर्फ भी होती है." इस वर्ष 'चिल्लाई-कलां' बर्फ़बारी के साथ शुरू हुआ क्योंकि घाटी के ऊपरी हिस्से में भरी बर्फबारी हुई है और मैदानी इलाकों में बारिश हुई है. बर्फबारी शुक्रवार को शुरू हुई और रात भर जारी रही.

तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई. उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में 5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई और पारा कल रात शून्य से 9. 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया. श्रीनगर में तापमान शून्य से 1.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. चिल्लई-कलां '31 जनवरी को समाप्त हो जाएगी. हालांकि, उसके बाद भी कश्मीर में 20-दिवसीय' चिल्लाई-खुर्द और 10-दिवसीय' चिल्लाई-बच्चा 'के साथ शीत लहर जारी रहती है. 

वही बर्फ़बारी के कारण जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर यातायात के लिए बंद है क्योंकि सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है. राजमार्ग को खोलने का काम दिन-रात रखा गया है. प्रशासन का कहना है कि राजमार्ग और बर्फ़बारी वाले इलाकों के लिए वो सारे प्रबंध किए गए हैं ताकि लोगों को दिक्कत न हो. कुलगाम जिला के डिप्टी कमिश्नर शौकत एजाज कहते हैं "हमने बैठक की थी उसके हिसाब से हम तैयार हैं. हमारी 12 मशीने लगी हैं. सभी संबंधित विभागों को सतर्क किया है. कंट्रोल रूम और डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर भी बनाये गए हैं." गौरतलब हैं कि श्रीनगर लेह और श्रीनगर पुंछ पर पहले ही यातायात के लिए बंद कर दिया गया है.