close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पाकिस्तान के सिंध में चीनी सैनिक तैनात, भारत सीमा से 90KM दूर है यह इलाका

 चीन ने पीपल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की सुरक्षा के लिए चीन ने अपने सैनिकों को पाकिस्तान के कई अलग अलग लोकेशन में तैनाती की है. 

पाकिस्तान के सिंध में चीनी सैनिक तैनात, भारत सीमा से 90KM दूर है यह इलाका
भारत CPEC का लगातार विरोध कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है.

नई दिल्ली: ख़ुफ़िया एजेंसीज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध इलाके में चीन ने अपने सैनिकों की तैनाती की है. चीन ने पीपल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की सुरक्षा के लिए चीन ने अपने सैनिकों को पाकिस्तान के कई अलग अलग लोकेशन में तैनाती की है. ख़ुफ़िया एजेंसीज की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने सिंध में थार के इलाके में कोल माइंस की सुरक्षा में भी अपने सैनिकों को लगाया हुआ है, जो भारत-पाक सीमा से महज 90 किलोमीटर की दूरी पर है.

आपको बता दें कि सिंध के कई इलाकों में चीन के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसका सिंध में काफी विरोध हो रहा है. इसी विरोध के डर से चीन ने CPEC प्रोजेक्ट की सुरक्षा में अपने सैनिको को तैनात किया हुआ है.

केंद्रीय सुरक्षा में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक भारत पाक सीमा की सुरक्षा में लगे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सेज (बीएसएफ) ने भी चीनी सैनिकों की सीमा के नजदीक के इलाकों में उनकी मूवमेंट देखी हैं. ऐसा लगता है की सिंध और बलूचिस्तान के इलाकों में चीनी प्रोजेक्ट्स के विरोध के चलते चीन ने अपने सैनिको को तैनात किया है.  

करीब तीन हज़ार किलोमटर लम्बी CPEC प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने कुल 17 हज़ार सैनिकों को लगाया हुआ है, जिसमे से 4000 जवान पाकिस्तानी सेना के स्पेशल फोर्सेज के कमांडो हैं, लेकिन इन सब के बावजूद चीन को पाकिस्तानी सेना पर ज्यादा भरोसा नहीं है. यही वजह है कि चीन ने इस बार पीएलए की कई यूनिट्स को पाकिस्तान में भेज दिया है. हालांकि भारत पाक सीमा के इतने नज़दीक चीनी सैनिकों की मौजूदगी से भारत की  सुरक्षा चिंता बढ़ सकती है. 

हैरान करने वाली बात ये है कि पिछले साल जुलाई के महीने में पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने चीन की यात्रा की थी और उस दौरान चीन के प्रीमियर ली कैंगांग और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाईस प्रेसिडेंट फेन चंग्लोंग से मुलाक़ात की थी, जिसमें चीन ने CPEC के सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना को धन्यवाद दिया था और पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने भी चीन को CPEC की पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया था, लेकिन उसके बावजूद चीन ने अपने सैनिकों को पाकिस्तान में भेज दिया.

केंद्रीय सुरक्षा में तैनात एक और अधिकारी के मुताबिक चीन जहां पाकिस्तानी सेना को हथियारों के साथ साथ मिसाइल्स, वॉर शिप, फाइटर प्लेन और मॉडर्न टैंक्स दे रहा है वहीं अब चीन के बॉर्डर के नज़दीक उपस्थिति पर भारतीय एजेंसीज़ लगातार नज़र बनाये हुए हैं.