अरूणाचल प्रदेश में अतिक्रमण पर बोला चीन- अभी नहीं हुआ सीमांकन

चीन ने अरूणाचल प्रदेश में उसके सैनिकों द्वारा अतिक्रमण के आरोपों को बुधवार को यह कहते हुए खारिज किया कि चीन-भारत सीमा का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की तरफ नियमित गश्त कर रहे थे।

अरूणाचल प्रदेश में अतिक्रमण पर बोला चीन- अभी नहीं हुआ सीमांकन
प्रतीकात्मक तस्वीर

बीजिंग : चीन ने अरूणाचल प्रदेश में उसके सैनिकों द्वारा अतिक्रमण के आरोपों को बुधवार को यह कहते हुए खारिज किया कि चीन-भारत सीमा का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की तरफ नियमित गश्त कर रहे थे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने 09 जून को पूर्वी कामेंग जिले में 250 सैनिकों के यांग्स्टे में घुस जाने की रिपोर्ट के प्रश्न का उत्तर देते हुए संवाददाताओं से कहा, 'चीन और भारत सीमा का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है। समझा जाता है कि चीन के सैनिक एलएसी पर चीन की तरफ सामान्य गश्ती कर रहे थे।' रिपोर्ट है कि पीएलए की बड़ी टुकड़ी उस इलाके में कुछ घंटे तक टिकी रही और फिर अपने आधार की ओर चली गई।

अरूणाचल प्रदेश में चीन का कथित अतिक्रमण ऐसे समय में हुआ है जब चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश का इस आधार पर विरोध कर रहा है कि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। चीन परमाणु वाणिज्य को नियंत्रण करने वाले 48 सदस्यीय परमाणु क्लब में प्रवेश संबंधी पाकिस्तान के आवेदन का समर्थन कर रहा है और वह नये सदस्यों के प्रवेश को लेकर सर्वसम्मति का आह्वान कर रहा है।

अतिक्रमण के मुद्दे पर चीन अपना यही रूख बनाये हुए है, जब कभी चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच जाते हैं तब चीन कहता हे कि एलएसी को लेकर दोनों देशों की भिन्न भिन्न धारणा है। हाल के सालों में दोनों पक्ष विवादित क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से गश्ती सैनिकों के बीच तनाव कम करने में कामयाब रहे हैं लेकिन चीन ने सीमा पर तनाव खत्म करने के लिए 3488 किलोमीटर एलएसी के सीमांकन भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। दोनों देश विशेष प्रतिनिधि स्तर पर 19 दौर की सीमा वार्ता कर चुके हैं।