एयर इंडिया नहीं बिकी तो हो जाएगी बंद, मुसाफिरों और कर्मचारियों पर पड़ेगा ये असर

एयरलाइन का प्रदर्शन पहले ही हर महीने खराब होता जा रहा है.

एयर इंडिया नहीं बिकी तो हो जाएगी बंद, मुसाफिरों और कर्मचारियों पर पड़ेगा ये असर
सरकार राष्ट्रीय विमानन कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली दस्तावेज तैयार कर रही है.

नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रीय कैरियर, एयर इंडिया (Air India) का निजीकरण नहीं होने की स्थिति में इसे बंद करना होगा. पुरी ने उच्च सदन में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, "मैं उस हद तक जाऊंगा और यह कहूंगा." इसके बाद पुरी ने कहा कि निजीकरण नहीं होने पर एयरलाइन को बंद कर दिया जाएगा.

इसको लेकर एयर इंडिया (Air India) से जुड़े हज़ारों एम्प्लाइज को अपना भविष्य भी अंधेरे में नज़र आ रहा है.ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि एयर इंडिया के बंद होने के मायने क्या हैं? अगर एयर इंडिया ज़मीन पर आ जाती है तो उससे जनता और इंडियन एविएशन सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा.

इस सवाल के जवाब तक पहुंचने से पहले एक नज़र राष्ट्रीय एयरलाइन की ताकत और कमज़ोरी पर डालते हैं-
- साल 1932 में एयर इंडिया की शुरुआत जेआरडी टाटा ने बतौर टाटा एअरलाइन्स की थी. दूसरे विश्व यूद्ध के बाद टाटा एअरलाइन्स ही आगे चल कर सन 1946 में एयर इंडिया बनी.
- एयर इंडिया और Alliance Air के पास के पास अलग-अलग विमान मिलाकर कुल 169 हवाई जहाज हैं.
- एयर इंडिया 31 देशों में 43 डेस्टिनेशन पर उड़ान भरती है, जबकि डोमेस्टिक यानी भारत मे ही 55 शहरों के लिए उड़ान भरती है. ऐसे में एयर इंडिया के बंद होने का सीधा मतलब है कि इंडियन एविएशन को लगभग न भरपाई वाला नुकसान होगा.

#मुसाफिरों पर पड़ेगा ये प्रभाव
- सबसे पहले और बड़ा नुकसान हवाई मुसाफिरों को होगा. डिमांड और सप्लाई गैप काफी बढ़ जाने की वजह से हवाई एयर टिकट या हवाई यात्रा आज के मुकाबले बहुत महंगी हो जाएगी.
-एयर इंडिया की नामौजूदगी का बड़ा फायदा अन्य प्राइवेट एयरलाइन्स को मिलेगा. पूरी संभावना है कि अन्य एयरलाइन्स cartelisation कर एयर टिकट के दाम आसमानी कीमतों पर पहुंचा सकते हैं.
- एयर इंडिया फिलहाल देश मे 55 शहरों के एयर कनेक्टिविटी देती है जिसमें कई तो ऐसे दूर-दराज़ या पहाड़ी शहर है जहां सिर्फ एयर इंडिया ही जाती है. जबकि विदेश में भी 31 अन्य देशों के 43 शहरों को एयर इंडिया अपनी लांग और मीडियम हॉल फ्लाइट से कनेक्ट करती है. ऐसे में एयर इंडिया अगर बंद होती है तो छोटे, दूर दराज़ शहरों की एयर कनेक्टिविटी ही खत्म हो जाएगी.

#मोनोपोली चलेगी
- एयर इंडिया के बंद होने से एयर इंडिया के स्लॉट्स अन्य एयरलाइन को सौंप दिए जाएंगे, ठीक वैसे जैसा जेट एयरवेज के साथ हुआ. ऐसा होने पर अन्य एयरलाइन्स अपनी मोनोपोली स्थापित कर सकती है.
- किसी राष्टीय आपदा, रेस्क्यू ऑपरेशन या फिर विदेश में संकट में फँसे भारतीयों को निकालने में हमेशा एयर इंडिया ने ही अहम भूमिका निभाई है. ऐसे में  राष्ट्रीय एयरलाइन के बन्द होने से किसी अन्य प्राइवेट एयरलाइन से ऐसे भूमिका की उम्मीद करना भी मुश्किल है.
- सबसे अहम एयर इंडिया आज भारत देश की राष्ट्रीय पहचान है और अगर सरकार किसी निवेशक नहीं होने की स्थिति में अगर एयर इंडिया को बंद करती है तो ये देश के गौरव को भी ठेस पहुंचने के बराबर होगा.

#एयर इंडिया की मौजूदा वित्तीय हालत
- एयर इंडिया फिलहाल लगभग 58,000 करोड़ के घाटे में है
- 22,000 करोड़ रुपए की देनदारी है
- तकरीबन 11000 एम्प्लाइज एयर इंडिया के साथ है
- तेल कंपनियों पर एयर इंडिया का करीब 5000 करोड़ रुपए बकाया है
- एयरपोर्ट ऑपरेटर पर भी एयर इंडिया का 5000 करोड़ रुपए बकाया है
- सरकार ने साफ कर दिया है कि एयर इंडिया को बरकरार रखने के लिए सरकर ज़बरदस्त घाटे में चल रही एयर इंडिया में और पैसे नहीं लगाएगी.