महाराष्ट्र के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए हुई मीटिंग, सीएम ठाकरे ने की उद्योगपतियों से मुलाकात

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के 27 उद्योगपतियों के साथ महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और बेहतर औद्योगिक माहौल समेत कई मामलों पर बातचीत की. 

महाराष्ट्र के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए हुई मीटिंग, सीएम ठाकरे ने की उद्योगपतियों से मुलाकात
सीएम ठाकरे ने की उद्योगपतियों से मुलाकात

महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के 27 उद्योगपतियों के साथ महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और बेहतर औद्योगिक माहौल समेत कई मामलों पर बातचीत की. रतन टाटा, आदी गोदरेज सहित कई नामी गिरामी उद्योगपतियों के साथ राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में किए जाने वाले बदलाव की संभावना पर भी चर्चा की गई. 

पिछली सरकार के जरिए मेक इन महाराष्ट्र‌ के अभियान तहत किए गए एग्रीमेंट में से कम्पनियों के जरिए दी गई सहमति के बाद भी कोई शुरूआत नहीं होने से राज्य की औद्योगिक स्थिति बहुत बेहतर नहीं थी. महाराष्ट्र के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे साल 2025 तक महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति एक लाख करोड़ रूपए यानी ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए दृढ़ संकल्पित है.

आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उद्योगों का विकास बेहद जरुरी रहा है. इस लिहाज से नए औद्योगिक नीति सहित "इज ऑफ बिजनेस" पर औद्योगिक घरानों से बात करके कुछ नई नीतियों पर काम करने के लिए मुख्यमंत्री ने गहन बैठक की. 

साल 2018 तक मैगनेटिक महाराष्ट्र अभियान के तहत 4016 करार हस्ताक्षरित किए गए थे. लेकिन इसमें से महज गिनती की ही कम्पनियां सतह पर उतर कर अपने कारोबार को यहां लगाने में अपनी रूचि दिखा सकी हैं. इस करार के तहत तकरीबन 278 करार (एमओयू) अकेले पुणे इलाके के लिए थे, जिसकी कुल कीमत 5233 करोड़ रुपए थी. लेकिन कम्पनियों की अगर रुचि और उनके साथ जुडने की ललक की प्रतिशतता देखें तो महज 10 से 15 फीसदी ही है. 

उद्योगपतियों के जरिए औद्योगिक विकास के लिए की गई बैठक में मुख्यमंत्री ने अपनी मंशा साफ करते हुए महाराष्ट्र को नया औद्योगिक हब बनाने की दृढ़ इच्छा व्यक्त की. उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट तौर पर कहा कि राज्य से किसी भी उद्योग को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. उद्योग को चालू करने और इसके लिए दिए जाने वाले परमीशन के लिए इज ऑफ बिजनेस की शुरुआत की जाएगी. 

औद्योगिक घरानों और उद्योग के लिए बेहतर माहौल के साथ-साथ उनकी दिक्कतों को भी सुना जाएगा. राज्य के औद्योगिक मंत्री सुभाष देसाई ने स्पष्ट तौर पर कहा कि आगामी नवंबर महीने में मैग्नेटिक महाराष्ट्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश ही नहीं विदेश से भी निवेशकों को बुलाया जाएगा.

हाल फिलहाल में जितने ही करार हस्ताक्षर किए गए हैं, उनके बारे में रिव्यू किया जाएगा और उस पर भी ठोस निर्णय लिया जाएगा. कुछ कंपनियां जरूर हैं जिन्होंने अपनी मंशा तो जाहिर की लेकिन सतही तौर पर अपने उद्योग नहीं लगा सके. इस बाबत उनके विचार और अवरोध भी देखे जाएंगे और उस पर निर्णय लिए जाएंगे.

उद्योगपतियों के साथ बैठक के दौरान मुंबई को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की चर्चा भी पुरजोर तरीके से हुई. आदित्य ठाकरे के प्रस्तावित कई प्रोजेक्ट पर विचार भी किए गए जिससे पर्यटन संबंधी उद्योगों को भी बसावा दिए जाने की ओर बातचीत बढ़ाई गई. उम्मीद है कि इन उद्योगी घरानों और सरकार के बीच हुई बैठक से कुछ सकारात्मक फल निकले और महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास के साथ साथ ही रोजगार के कई अवसर बनें.