Hate Speech Bill: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम और नियंत्रण) विधेयक, 2025 विधानसभा में पेश किया. इसका उद्देश्य हेट स्पीच और हिंसा को नियंत्रित करना है. बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए इसे अनावश्यक और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जिसके बाद सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित किया गया.
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Hate Speech Bill: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम और नियंत्रण) विधेयक, 2025 को विधानसभा में पेश किया. इस विधेयक का उद्देश्य हेट स्पीच और हेट क्राइम को रोकना और इससे संबंधित अपराधों को नियंत्रण में लाना है. कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह बिल राज्य में सांप्रदायिक हिंसा और घृणा आधारित अपराधों को नियंत्रित करने में सहायक होगा.
बीजेपी ने किया बिल का विरोध
विधेयक पेश होने के बाद बीजेपी नेताओं ने कड़ा विरोध किया. उन्होंने इस पर तर्क दिया कि यह बिल पूरी तरह से अनावश्यक है और इसके प्रस्ताव से लोकतंत्र पर खतरा हो सकता है. बीजेपी सांसदों ने सदन में विरोध करते हुए कहा कि इस विधेयक को कभी सहमति नहीं दी जा सकती. इसके बाद, स्पीकर यूटी खादर ने हंगामे के कारण सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में कर्नाटक कैबिनेट ने हाल ही में इस विधेयक को मंजूरी दी थी जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कर्नाटक में हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकना है. कर्नाटक सरकार ने मंंगलुरु में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के बाद इस बिल को प्रस्तावित किया जिसने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया. इस विधेयक के तहत हेट क्राइम के दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की कैद और 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही, ऐसे अपराधों को गैर जमानती अपराध माना जाएगा और मामले को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
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BJP ने विधेयक को राजनीति से प्रेरित बताया
विधेयक में यह भी प्रावधान है कि धर्म, जाति, समुदाय, लिंग, भाषा, विकलांगता या जनजाति के आधार पर यदि कोई व्यक्ति नफरत फैलाता है या हिंसा को उकसाता है तो उसे हेट क्राइम के तहत अपराध माना जाएगा. गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस विधेयक को लेकर कहा कि इसका उद्देश्य बीजेपी या किसी विशेष पार्टी को निशाना बनाना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक मौजूदा कानूनी ढांचे को मजबूत करेगा और इसकी आवश्यकता वर्तमान समय में महसूस की जा रही है. बीजेपी नेताओं ने हालांकि विधेयक को लेकर तीखा विरोध जारी रखा है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है.