कांग्रेस नेता अजय माकन बोले, अरविंद केजरीवाल आखिरकार पी चिदंबरम के कदमों में झुक ही गए

दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर कहा है, 'केजरीवाल आखिरकार पी चिदंबरम के कदमों में झुक ही गए.'

कांग्रेस नेता अजय माकन बोले, अरविंद केजरीवाल आखिरकार पी चिदंबरम के कदमों में झुक ही गए
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम.

नई दिल्ली: दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. अजय माकन ने ट्वीट कर कहा है, 'केजरीवाल आखिरकार पी चिदंबरम के कदमों में झुक ही गए.' दरअसल, अजय माकन का यह ट्वीट इस संदर्भ में आया है कि दिल्ली सरकार ने पी चिदंबरम को वकील बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि जब तक केंद्र में यूपीए की सरकार रही तब तक पी चिदंबरम बारी-बारी से वित्त और गृहमंत्री रहे. इस दौरान अरविंद केजरीवाल उनपर ताबड़तोड़ हमले करते रहे. केजरीवाल कई बार चिदंबरम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं. अब केजरीवाल दिल्ली सरकार ने वकील हैं तो चिदंबरम को राज्य सरकार ने अपना वकील नियुक्त किया है.

इतना ही नहीं अजय माकन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'बधाई हो पी. चिदंबरम. आपके सबसे बड़े आलोचक रहे अरविंद केजरीवाल और 'आप' ने आपको दोषमुक्त किया. क्या AAP माफी मांगेगी.'

Ajay makan
कांग्रेेस नेता अजय माकन ने इन ट्वीट कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कसा तंज.

मालूम हो कि उपराज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख बताने वाले, दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की विभिन्न याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए केजरीवाल सरकार को गहरा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि केजरीवाल सरकार को स‌ंविधान के दायरे में रहना होगा. पहली नजर में एलजी के अधिकार राज्य सरकार से ज्यादा हैं. 

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कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सामान्य राज्य नहीं बल्कि एक केंद्र शासित प्रदेश है इसलिए, यहां राज्य सरकार के अधिकार अन्य राज्यों की तरह नहीं हो सकते. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार और एलजी के बीच अधिकारों को लेकर कोई विवाद होता है तो उन्हें राष्ट्रपति के पास जाना चाहिए क्योंकि संविधान के अनुसार असल मुखिया वही हैं.

हालांकि, अंतिम फैसला आना बाकी है और आगे भी सुनवाई जारी रहेगी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आ‌‌खिर उपराज्यपाल उसके किन आधिकारों का अतिक्रमण कर रहे हैं. हालांकि सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत ही सीमित अधिकार हैं, उसे और अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए.

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मालूम हो कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार का पक्ष रखने के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार ने पी चिदंबरम समेत 9 नामी वकीलों की टीम बनाई है. ये टीम पांच जजों की संविधान पीठ के सामने दिल्ली सरकार का पक्ष रखेगी. इस टीम में चिदंबरम के अलावा इंदिरा जयसिंह, गोपाल सुब्रमण्यम और राजीव धवन भी शामिल हैं.