Udit Raj: हाल में ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए थे. जिसके बाद कांग्रेस नेता उदित राज ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने पीएम से पूछा है कि देश प्रेम किसे कहेंगे?
Trending Photos
)
PM Modi: अक्सर देखा जाता है कि पक्ष-विपक्ष में किसी न किसी बात को लेकर तकरार छिड़ी रहती है. अब कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार्यशैली की तुलना करते हुए विदेश नीति और व्यापारिक समझौतों पर गंभीर सवाल उठाए है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश प्रेम किसे कहेंगे?
कांग्रेस नेता उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, देश प्रेम किसे कहेंगे? व्लादिमीर पुतिन के साथ 75 व्यापारी, 7 मंत्री और विभिन्न क्षेत्र के एक्सपर्ट आए और दर्जनों समझौता कई क्षेत्रों में हुए. यहां से बहुत कुछ लेकर गए और हमारे वाले अकेले और एक निजी टीवी एजेंसी के साथ जाते हैं. टैक्सपेयर्स के पैसे से भीड़ इकट्ठा करने लोग पहले चले जाते हैं और एयरपोर्ट से ही जयकारा लगने लगता है.
जिन वीआईपी से मिलते हैं उनकी फोटो और म्यूटेड वीडियो भारत में अखबार और टीवी में छपने और दिखने लगती है. गले पड़ने, हा-हा, ही-ही का वीडियो और फोटो से भारत की मीडिया पट जाती है. 8000 करोड़ के जहाज में सारी सुविधाएं हैं और जहां ठहरते हैं वो बड़ा खर्चीला होता है. कुछ पता नहीं क्या लिया और दिया?
उदित राज ने सवालिया लहजे में कहा कि जब नीयत सैर-सपाटे और विदेश से भारत के वोटरों को प्रभावित करने की हो तो देश के लिए क्या खाक करेंगे? खुद की कुर्सी बचाना ही जब मकसद जब हो तो विदेश नीति और आयात-निर्यात का सत्यानाश तो होना ही है. इसके अलावा लिखा कि पीएम मोदी ने कहा 2035 में देश को मैकालेवाद से मुक्त करा देंगे. मैकाले का सबसे बड़ा योगदान अंग्रेजी माध्यम से भारत में शिक्षा लागू करना है.
आज से ही भाजपा और आरएसएस अपने बच्चों को संस्कृत या हिंदी मीडियम से पढ़ाना शुरू करा दें. भाजपा नेताओं के जो बच्चे विदेश में पढ़ने गए हैं, उन्हें तुरंत वापस बुलाकर वैदिक शिक्षा देना शुरू करें. अंग्रेजी के सारे पब्लिक स्कूल और संस्थाएं इनसे खाली हो जाएंगे और उनके स्थान पर दलित, पिछड़े और आदिवासी के बच्चे पढ़ेंगे, मोदी जी जल्दी अपने लोगों को मैकाले की नीति से मुक्त करा दें, हम आपके आभारी होंगे.
दरअसल, हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की दो दिवसीय यात्रा पर थे. इस दौरान पुतिन के साथ एक बड़ी डेलिगेशन भी मौजूद रही, पुतिन के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और व्यापारिक समेत कई अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए, हालांकि इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर विपक्षी नेताओं को विदेशी मेहमान से जानबूझकर नहीं मिलने देने का आरोप लगाया. विपक्ष ने बताया कि देश में परंपरा रही है कि भारत आने वाले विदेशी मेहमानों से विपक्ष की मुलाकात होती है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा है. (आईएएनएस)