Shashi Tharoor: ईरान के हालात काफी ज्यादा खराब हो गए हैं. देशभर में हिंसा हो रही है, वहां पर पढ़ने वाले वाले बच्चों के पेरेंट्स को चिंता सता रही है, इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि ईरान के हालात गंभीर है, आने वाले दिनों में देश के हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं.
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Shashi Tharoor: ईरान इन दिनों अशांति से गुजर रहा है. काफी ज्यादा संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों के परिजन को डर सता रहा है, वहां पर रह रहे बच्चों को ईरान छोड़ने के लिए कहा गया. लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन और तनाव के बीच, विदेश मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के हालात गंभीर है, आने वाले दिनों में देश के हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं. इसके अलावा उन्होंने और क्या कुछ कहा जानते हैं.
पेरेंट्स को सता रही चिंता
श्रीनगर की एक पेरेंट रेहाना ने कहा कि स्टूडेंट्स को बिना किसी इवैक्युएशन सपोर्ट के अचानक ईरान छोड़ने के लिए कहा गया. मैंने सुना है कि बच्चों को आज अचानक एम्बेसी से बुलाया गया, और उनसे ईरान छोड़ने के लिए कहा गया. बच्चों ने उनसे इवैक्युएशन में मदद करने की रिक्वेस्ट की, लेकिन उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं कर सकते. हम रिक्वेस्ट करते हैं कि बच्चों को एयरलिफ्ट करके यहां लाया जाए. अगर हम यहां से उनके टिकट बनवा भी दें, तो हम उन्हें वहां कैसे भेज पाएंगे? ईरान के तेहरान में पढ़ने वाले सभी परिवार परेशान हैं.
शशि थरूर का बयान
वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि ईरान से बहुत कम जानकारी मिल रही है क्योंकि इंटरनेट सर्विस कथित तौर पर बंद कर दी गई हैं. यह बहुत गंभीर लग रहा है लेकिन हमें ईरान से ज़्यादा जानकारी नहीं मिल रही है. इंटरनेट बंद कर दिया गया है, हमें बस वही पता है जो हमें मीडिया में मिल रहा है और उनके सोर्स भी कुछ हद तक अनिश्चित हैं, मेरी समझ से ईरान में हालात बहुत खराब हैं. 3000 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं. आने वाले दिन ईरान के लिए बहुत जरूरी होंगे, खामेनेई शासन, जो 'मुश्किल हालात' का सामना कर रहा है . ऐसा लगता है कि अगले कुछ दिनों में कुछ गंभीर डेवलपमेंट देखने को मिलेंगे. यह जरूरी है कि अगर शासन को टिके रहना है, तो उसे अगले कुछ दिन बहुत मुश्किल हालात में टिके रहना होगा.
भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी
ईरान में रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए भारत सरकार ने कहा कि 'ईरान में लगातार बदल रही परिस्थितियों को देखते हुए यहां पढ़ रहे भारतीय नागरिकों (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक) को उपलब्ध परिवहन साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है. सभी भारतीय नागरिक और PIOs को उचित सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें विरोध-प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए. साथ ही ईरान में भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखना चाहिए. ईरान के ताजा हालात जानने के लिए स्थानीय मीडिया की निगरानी करनी चाहिए. बता दें कि ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं. (ANI)