गुजरात के धर्मगुरु का महिलाओं के पीरियड्स को लेकर विवादित बयान

अहमदाबाद. पीरियड्स पर गुजरात के धर्मगुरु स्वामी कृष्णस्वरूप दासजी ने विवादित बयान दिए हैं. उन्होंने कहा है कि पीरियड्स के दौरान खाना बनाने वाली महिला का पुनर्जन्म कुत्ते के रूप में होगा.

गुजरात के धर्मगुरु का महिलाओं के पीरियड्स को लेकर विवादित बयान

अहमदाबाद. पीरियड्स पर गुजरात के धर्मगुरु स्वामी कृष्णस्वरूप दासजी ने विवादित बयान दिए हैं. उन्होंने कहा है कि पीरियड्स के दौरान खाना बनाने वाली महिला का पुनर्जन्म कुतिया के रूप में होगा, जबकि उसका बनाया खाना खाने वाले का अगला जन्म बैल के रूप में होगा.

शास्त्रों में बताए गए हैं नियम : स्वामी कृष्णस्वरूप
स्वामी कृष्णस्वरूप का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें उन्होंने कहा कि यह निश्चित है कि जो पुरुष पीरियड्स वाली महिलाओं के हाथ का बनाया हुआ खाना खाता है, उसका बैल के रूप में पुनर्जन्म होता है. ऐसा बयान देने के बाद उन्होंने कहा, 'ये बातें सुनकर आपको जैसा भी लगे, लेकिन शास्त्रों में ये नियम बताए गए हैं. आपको लगेगा कि मैं बहुत कठोर हूं, औरतें ये सुनकर रो सकती हैं कि वे कुतियों में बदल जाएंगी. लेकिन हां, आपको ऐसा बनना पड़ेगा.' स्वामी कृष्णस्वरूप के इस प्रवचन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. हालांकि, यह वीडियो कब का और कहां का है यह साफ नहीं हो पाया है.

स्वामी कृष्णस्वरूप ने महिलाओं को लगाई फटकार
स्वामी ने महिलाओं को इस बात के लिए फटकार भी लगाई है कि वे पीरियड्स को लेकर लापरवाह रहती हैं. उन्होंने कहा, 'महिलाओं को यह एहसास नहीं होता कि पीरियड्स का समय तपस्या के समान है. यह हमारे शास्त्रों में लिखा है. मैं यह सब कहना नहीं चाहता था, लेकिन मुझे आपको सावधान करना था. पुरुषों को खाना पकाना सीखना चाहिए, इससे आपको मदद मिलेगी। मैं नहीं जानता कि मुझे आपको काउंसिल करना चाहिए या नहीं. 10 सालों में ये पहली बार है जब मैं ये सलाह दे रहा हूं. संतों ने हमारे धर्म की गुप्त बातों के बारे में चर्चा नहीं करने की सलाह दी है, लेकिन अगर मैं नहीं कहूंगा तो आप कभी नहीं समझेंगे.'

पहले भी आ चुके हैं विवादों में
बता दें कि जिस स्वामी कृष्णस्वरूप दासजी ने यह टिप्पणी की है, वह स्वामीनारायण मंदिर के 'नर-नारायण देवगड़ी' पंथ से जुड़े हैं. स्वामीनारायण मंदिर ही भुज में श्री सहजानंद ग‌र्ल्स इंस्टीट्यूट (एसएसजीआइ) चलाता है, जिसकी प्रिंसिपल और महिला कर्मचारियों ने 11 फरवरी को पीरियड्स की जांच करने के लिए 60 छात्राओं के कपड़े उतरवा दिए थे. कॉलेज के हॉस्टल के मेस में पीरियड्स वाली छात्राओं को दूसरी छात्राओं के साथ बैठकर खाना नहीं खाने दिया जाता.