इस राज्य में दीपावली की छुट्टियों के बाद स्कूल खोलने पर विचार करेगी सरकार

राज्य सरकार ने पूर्व में 21 सितंबर से स्कूल पुन: नहीं खोलने का फैसला किया था. केंद्र की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत छात्रों को अभिभावकों की अनुमति से शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए स्कूल जाने की अनुमति दी गई थी.

इस राज्य में दीपावली की छुट्टियों के बाद स्कूल खोलने पर विचार करेगी सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर

अहमदाबाद: गुजरात सरकार दीपावली के बाद ही स्कूल पुन: खोलने पर विचार करेगी. राज्य शिक्षा विभाग के सचिव विनोद राव ने कहा कि स्कूल खोलने की तत्काल कोई योजना नहीं है.

राव ने कहा, ‘हम तत्काल ऐसा नहीं करेंगे. हम कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी स्थिति के आकलन के बाद दीपावली (की छुट्टियों) के बाद ही स्कूल फिर से खोलने पर विचार करेंगे.’

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर अभिभावकों के प्रतिनिधियों और स्कूल संघों के संपर्क में है.

दीपावली इस साल 14 नवंबर को मनाई जाएगी.

राज्य सरकार ने पूर्व में 21 सितंबर से स्कूल पुन: नहीं खोलने का फैसला किया था. केंद्र की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत छात्रों को अभिभावकों की अनुमति से शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए स्कूल जाने की अनुमति दी गई थी.

नई एसओपी के अनुसार केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 15 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से स्कूल पुन: खोलने का फैसला करने की अनुमति दी है.

गुजरात के स्व-वित्तपोषित विद्यालय प्रबंधन संघ के उपाध्यक्ष जतिन भराड ने कहा, ‘15 अक्टूबर से स्कूल पुन: खोलने के केंद्र के दिशा-निर्देश को गुजरात में कोविड-19 हालात के कारण लागू नहीं किया जा सकता. खासकर 10वीं कक्षा से नीचे के छात्रों के लिए स्कूल खोलना जल्दबाजी होगा.’

उन्होंने कहा कि यदि सरकार और स्कूल कक्षाएं पुन: आरंभ करने पर सहमत हो भी जाते हैं, तो भी अभिभावक इसके इच्छुक नहीं होंगे.

भराड ने कहा कि यदि अक्टूबर में हालात में सुधार होता है, तो नवंबर में स्कूल पुन: खोले जाने पर विचार किया जा सकता है.

अखिल गुजरात अभिभावक संघ के अध्यक्ष नरेश शाह ने कहा कि अधिकतर अभिभावकों को लगता है कि मौजूदा अकादमिक सत्र में स्कूल पुन: खोलने का कोई औचित्य नहीं है और सरकार को छात्रों को अगली कक्षा में भेजने पर विचार करना चाहिए.

गोवा में सभी पक्षों की सहमति के बाद ही होगा स्कूल खोलने का निर्णय
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा सरकार स्कूलों को खोलने के बारे में फैसला शिक्षकों समेत सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही लेगी.

शिक्षक संघ फिलहाल व्यक्तिगत उपस्थिति वाली कक्षाएं शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं. उन्हें आशंका है कि स्कूलों में भौतिक दूरी कायम करना असंभव होगा.

सावंत ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक से कहा है कि वे स्कूल प्रबंधन, अभिभावक-शिक्षक संघों और शिक्षक संस्थाओं जैसे कि ‘गोवा हेडमास्टर एसोसिएशन’ और ‘गोवा प्रिंसिपल्स फोरम’ समेत सभी पक्षकारों से बातचीत करें.

उन्होंने कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में फैसला सभी पक्षों की सहमति के बाद और आवश्यक मानक संचालन प्रक्रियाओं का क्रियान्वयन करने के साथ ही लिया जाएगा.

‘अनलॉक-5’ के तहत राज्यों से 15 अक्टूबर से स्कूलों को खोलने के बारे में फैसला लेने को कहा गया है.

सावंत ने कहा कि जब भी स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में निर्णय होगा तब सरकार पहले दसवीं और बारहवीं कक्षा शुरू करने के बारे में विचार करेगी.

सूत्रों ने बताया कि शिक्षा निदेशक संतोष अमोनकर के साथ बैठक में शिक्षक संघों ने स्कूल तत्काल खोले जाने का विरोध किया.

इनपुट: भाषा

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