कोरोना का कहर, लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र में ऐसे मनाया जा रहा गुड़ी पड़वा का पर्व

महाराष्ट्र में लोग अपने-अपने घरों में रहकर ही गुड़ी पड़वा का त्योहार मना रहे हैं. यहां गुड़ी पड़वा को निकलने वाली शोभा यात्राएं रद्द कर दी गई हैं.

कोरोना का कहर, लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र में ऐसे मनाया जा रहा गुड़ी पड़वा का पर्व
प्रतीकात्मक तस्वीर.

मुंबई: कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया है. इससे पहले महाराष्ट्र सरकार प्रदेश में 31 मार्च तक के लिए कर्फ्यू की घोषणा कर चुकी है. कर्फ्यू और कोरोना के कहर के बीच भी महाराष्ट्र के लोगों में गुड़ी पड़वा को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है. महाराष्ट्र में लोग अपने-अपने घरों में रहकर ही गुड़ी पड़वा का त्योहार मना रहे हैं. यहां गुड़ी पड़वा को निकलने वाली शोभा यात्राएं रद्द कर दी गई हैं. लॉकडाउन के चलते मुंबई समेत महाराष्ट्र में एतिहासिक शोभायात्राएं नहीं निकली जा रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुड़ी पड़वा के मौके पर महाराष्ट्र के लोगों को बधाई दी है. पीएम ने ट्वीट कर कहा,''महाराष्ट्र के लोग आज गुड़ी पड़वा मना रहे हैं. मैं उनके सफलता, खुशी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं. इस साल उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों.'' पीएम ने सभी देशवासियों को नववर्ष विक्रम संवत 2077 की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं. पीएम ने लिखा, यह नववर्ष आप सबके जीवन में समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए."

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स्वास्थ्य मंत्री ने की अपील
आपको बता दें कि कोराना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच मुंबई समेत महाराष्ट्र में आज गुड़ी पड़वा का त्योहार लोग घरों में ही रहकर मना रहे हैं. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है. उन्होंने इस शुभदिन पर लोगों से कोरोना को हराने की शपथ लेने की अपील की है. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार भी घर में ही परिवार के साथ गुड़ी पड़वा मना रहे हैं. 

ये है मान्यता
आपको बता दें कि चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा का त्यौहार मनाया जाता है. इस त्योहार को लेकर खास मान्यताएं हैं. गुड़ी ध्वज यानि झंडे को कहा जाता है और पड़वा, प्रतिपदा तिथि को कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था. दक्षिण भारत क्षेत्र में मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ही वो दिन था जब भगवान श्री राम ने बालि का वध कर दक्षिण भारत के लोगों को मुक्त करवाया. इसी कारण इस दिन गुड़ी यानि विजयपताका फहराई जाती है.

महाराष्ट्र में ऐसे मनाया जाता है ये त्योहार
इस त्योहार के दिन  महाराष्ट्र में लोग अपने घर को आम के पत्तों की बंदनवार से सजाते हैं. लोग घरों की सफाई कर रंगोली, बंदनवार आदि से घर, आंगन और दरवाजों को सजाते हैं. घर के आगे एक गुड़ी यानी झंडा रखा जाता है. इसी में एक बर्तन पर स्वास्तिक चिन्ह बनाकर उस पर रेशम का कपड़ा लपेटकर उसे रखा जाता है. गुड़ी को विजय का प्रतिक मानकर उसकी पूजा की जाती है. गुड़ी पड़वा के दिन महाराष्ट्र में खास पकवान बनाए जाते है. श्रीखंड-पूड़ी खाने, पूरन पोली मीठी रोटी बनाने की परंपरा है.

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