कोरोना से ठीक हुआ मरीज फिर से हो सकता है संक्रमण का शिकार, ये है कारण

स्पेन में की गई एक स्टडी में पता चला है कि कोरोना मरीजों के शरीर में बनी एंटीबॉडीज कुछ हफ्ते में गायब हो सकती हैं. 

कोरोना से ठीक हुआ मरीज फिर से हो सकता है संक्रमण का शिकार, ये है कारण
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं. क्योंकि नियमों को पालन करना ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है. कोरोना वायरस इनसान के शरीर में एंटीबॉडीज बनाने की क्षमता को कम कर देता है, ऐसे में उन लोगों के लिए दोबारा संक्रमित होने के चांसेज बढ़ गए हैं जो कोरोना से संक्रमित तो हुए लेकिन उनमें इसके हल्के लक्षण दिखे और वो जल्दी ठीक हो गए. 

स्पेन में की गई एक स्टडी में पता चला है कि कोरोना मरीजों के शरीर में बनी एंटीबॉडीज कुछ हफ्ते में गायब हो सकती हैं. खासकर उन लोगों में जिनमें कोरोना संक्रमण की वजह से सिर्फ मामूली लक्षण ही देखने को मिले थे. यानी जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए, लेकिन हल्के तौर से ही बीमार पड़े. उनमें इम्युनिटी डेवलप होती है और कुछ हफ्ते में गायब हो जाती है. ऐसे में खतरा इस बात का बना रहेगा कि ये लोग फिर से कोरोना संक्रमित न हो जाएं.

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गायब हो रही हैं कोरोना की एंटीबॉडीज
रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन में करीब 70 हजार से अधिक लोगों पर स्टडी की गई. स्टडी के दौरान 14 फीसदी ऐसे लोग मिले जो पहले कोरोना एंटीबॉडीज की जांच में पॉजिटिव पाए गए थे. लेकिन दो महीने बाद जब जांच की गई तो उनमें एंटीबॉडीज नहीं मिले. खासकर हल्के लक्षण वाले लोगों में ऐसा देखा गया.

Lancet जर्नल में छपी इस स्टडी के मुताबिक इम्युनिटी अधूरी हो सकती है, इम्युनिटी टेंपरेरी भी हो सकती है और खत्म भी हो सकती है. इसलिए अगर आपके शरीर में एंटीबॉडी बन गई हैं तो भी आपको सावधान रहने की जरूरत है.

कैसे बनेगी हर्ड इम्युनिटी?
वहीं, इस स्टडी में ये भी सामने आया है कि कोरोना का कहर झेलने के बाद भी स्पेन के 5.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी डेवलप हुई हैं. इस आंकड़े के आधार पर ये भी कहा जा रहा है कि नेचुरल तरीके से कोरोना के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी हासिल करना संभव नहीं होगा.