जम्‍मू-कश्‍मीर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए CRPF ने तैनात किए 2500 जवान

सीआरपीएफ मुख्‍यालय ने जम्‍मू-कश्‍मीर में तैनात सभी यूनिट्स के प्रमुखों को रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन से संबंधित स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैनात करने के लिए कहा है.  

जम्‍मू-कश्‍मीर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए CRPF ने तैनात किए 2500 जवान
सीआरपीएफ के जवानों ने श्रीनगर में बाढ़ की चपेट में आने वाले 48 घरों में फंसे 200 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया है.

नई दिल्‍ली : जम्‍मू-कश्‍मीर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सीआरपीएफ ने 2500 जवानों की तैनाती की है. सीआरपीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर में बाढ़ के हालात को देखते हुए 75वीं बटालियन के कमांडेंट को फ्लड कंट्रोल सेंटर का इंचार्ज बनाया गया है. 

सीआरपीएफ की सभी यूनिट्स को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्‍येक यूनिट बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सेकेंड इन कमांड (2IC) के नेतृत्‍व में 40 जवानों की टीम को तैयार करेगा. जरूरत पड़ने पर यह टीम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाएगी. 

यदि किसी यूनिट के इलाके में बाढ़ के हालात नहीं हैं तो वह यूनिट समीपवर्ती बाढ़ प्रभावित इलाके में अपनी मदद मुहैया कराएगी. सीआरपीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, जम्‍मू-कश्‍मीर के सभी पुलिस स्‍टेशन के कंट्रोल रूम में सीआरपीएफ के एक जवान की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं. 

जिससे वह बाढ़ प्रभावित इलाकों में नजर रखने के साथ, जरूरत पड़ने पर संबंधित यूनिट से कॉर्डिनेशन कर सके. इसके अलावा हरी निवासी में एक ज्‍वाइंट फ्लड कंट्रोल रूम स्‍थापित किया गया है. इस कंट्रोल रूम में भी सीआरपीएफ के प्रतिनिधि मौजूद होंगे. 

 

 

सीआरपीएफ के ये प्रतिनिधि हर दो घंटे के अंतराल में बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति और रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के बाबत अपने हेडक्‍वाटर को रिपोर्ट भेजेंगे. सीआरपीएफ मुख्‍यालय ने जम्‍मू-कश्‍मीर में तैनात सभी यूनिट्स के प्रमुखों को रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन से संबंधित स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैनात करने के लिए कहा है. 

जिससे रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी जवान को उसकी भूमिका के बाबत किसी तरह का संदेह न रहे. उन्‍होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात यूनिट के कमांडेंट को निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ से स्‍थानीय नागरिकों को बचाने के लिए अपने स्‍तर पर सभी एहतियाती कदम को जल्‍द से जल्‍द पूरा करें. 

इसके अलावा, अपनी यूनिट्स में ऐसी जगह भी उपलब्‍ध कराएं, जहां पर बाढ़ प्रभावित स्‍थानीय लोगों को कुछ दिनों के लिए आश्रय दिया जा सके. रिहायशी इलाकों से लोगों को निकालने के लिए सेफ्टी बोट और पानी निकालने के लिए डि-वाटरिंग पंप को तैनात करने के लिए भी कहा गया है. 

मुख्‍यालय से भेजे निर्देशों में यूनिट कमांडेंट को स्‍थानीय प्रशासन के साथ कार्डिनेशन कर बाढ प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने के लिए भी कहा गया है.