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दार्जिलिंग हिंसा: जीजेएम ने कार्यकर्ता के शव के साथ निकाली रैली, तनाव बरकरार

दार्जिलिंग आज (रविवार) भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौक बाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. पुलिस के साथ संघर्ष में जीजेएम कार्यकर्ता मारा गया था.

दार्जिलिंग हिंसा: जीजेएम ने कार्यकर्ता के शव के साथ निकाली रैली, तनाव बरकरार
प्रदर्शनकारियों ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की (फाइल फोटो)

दार्जिलिंग: दार्जिलिंग आज (रविवार) भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौक बाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. पुलिस के साथ संघर्ष में जीजेएम कार्यकर्ता मारा गया था.

सुरक्षा बलों को हटाने की मांग 

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कल (शनिवार) हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जिलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.

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पुलिस ने किया गोलीबारी करने के आरोपों को खारिज

दार्जिलिंग से जीजेएम के विधायक अमर राय ने संवाददाताओं से कहा, 'हमारा मानना है कि बातचीत के लिहाज से सकारात्मक माहौल बनाने के लिए दार्जिलिंग से पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए. सरकार को हमें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन करने देना चाहिए.' जीजेएम ने दावा किया है कि पुलिस ने कल (शनिवार) सिंगमारी में उनके दो समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने अपने कर्मियों द्वारा गोलीबारी करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई है.

दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन में गहरी साजिश है- सीएम

दार्जिलिंग में कुछ साल के अंतराल के बाद बीते आठ जून को फिर से हिंसक प्रदर्शनों की शुरुआत हुई और तब से मौत का यह पहला मामला है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल कहा था कि दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन में गहरी साजिश है और इसे पूर्वोत्तर और कुछ अन्य देशों के विद्रोही समूहों का समर्थन प्राप्त है. जीजेएम ने ममता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अस्मिता के लिए चल रही गोरखाओं की लड़ाई को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं.

हाई अलर्ट पर है पुलिस 

शनिवार की हिंसा और आगजनी के बाद से पुलिस हाई अलर्ट पर है और उसने सेना के साथ मिलकर पर्वतीय क्षेत्र के कई इलाकों में मार्च किया. पुलिस ने सरकारी और जीटीए के कार्यालयों के बाहर तथा पहाड़ियों में आने और निकलने के विभिन्न स्थानों पर चौकियां एवं अवरोधक लगाए हैं. बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है. 

पश्चिम बंगाल सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है

जीजेएम के नेता बिनय तमांग ने कहा, हम पश्चिम बंगाल सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है. ममता बनर्जी ने हमारा अपमान किया है उन्होंने हमें आतंकवादी कहा है. उन्होंने कहा, हम अपने अधिकारों और आजादी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. हम केवल केंद्र सरकार के साथ वार्ता करेंगे. ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ वार्ता करने में हमारी दिलचस्पी नहीं है.

पिछले 10 दिनों से अशांत चल रहा दार्जिलिंग

अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से अशांत चल रहे दार्जिलिंग में शनिवार को जीजेएम कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच व्यापक झड़प देखने को मिली. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) का एक सहायक कमांडेंट समेत 35 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सहायक कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गए. 

(इनपुट एजेंसियों से भी)