मिस्र के दौरे पर गईं निर्मला सीतारमण, सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर करेंगी बातचीत

भारत मिस्र संयुक्त आयोग बैठक के सातवें सत्र में शामिल होने के लिए मिस्र के रक्षा मंत्री समेह शोउकरी इस साल 22-23 मार्च को भारत दौरे पर आए थे. 

मिस्र के दौरे पर गईं निर्मला सीतारमण, सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर करेंगी बातचीत
मिस्र सेना के मध्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल इमाद एल्गाजली ने काहिरा में उनका स्वागत किया.(फोटो- @DefenceMinIndia)

नई दिल्ली: रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को मिस्र पहुंचीं. मिस्र सेना के मध्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल इमाद एल्गाजली ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का स्वागत किया. निर्मला सीतारमण ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘‘निर्मला सीतारमण भारत-मिस्र रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए मिस्र पहुंचीं. मिस्र सेना के मध्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल इमाद एल्गाजली ने काहिरा में उनका स्वागत किया.’’ निर्मला के रविवार को वापस लौटने की संभावना है. भारत मिस्र संयुक्त आयोग बैठक के सातवें सत्र में शामिल होने के लिए मिस्र के रक्षा मंत्री समेह शोउकरी इस साल 22-23 मार्च को भारत दौरे पर आए थे. 

चीन से सटी सीमा पर भारत अपने सैनिकों की संख्या कम नहीं कर रहा है: निर्मला सीतारमण
आपको बता दें कि इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत "वुहान" समझौते की भावना के अनुसार सीमा पर शांति बनाए रखेगा लेकिन चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपने सैनिकों की संख्या को कम नहीं करेगा. अपने चीनी समकक्ष वेई फेंघे के साथ बातचीत के लगभग एक महीने बाद सीतारमण ने कहा कि दोनों पक्षों ने स्वीकार किया है कि वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में किये गए व्यापक निर्णय से सीमा प्रबंधन नियंत्रित होना चाहिए.

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यह पूछे जाने पर कि क्या भारत अब भी सैनिकों को तैनात रखे हुए है और वुहान की भावना के बावजूद उसमें कमी नहीं ला रहा है तो उन्होंने कहा, "बिल्कुल. ’’ अप्रैल में वुहान शिखर सम्मेलन में मोदी और शी ने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने का संकल्प लिया और अपनी सेनाओं को लगभग 3,500 किमी लंबी चीन-भारत सीमा पर समन्वय को बढ़ाने का निर्देश दिया.  परमाणु हथियारों से संपन्न दोनों देशों के बीच डोकलाम में सैन्य गतिरोध पैदा होने के कुछ ही महीने बाद यह संकल्प लिया गया था.