Rajnath Singh Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है. जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सदन में किसी बात पर गुस्सा आ गया और उन्होंने कहा कि कौन बैठाने वाला है, कौन बैठाएगा?
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Lok Sabha Viral Video: शीतकालीन सत्र के छठवें दिन सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हुई, इस चर्चा में पीएम मोदी ने कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि गौरव ने बीजेपी पर पलटवार किया था, सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को गुस्सा आ गया और उन्होंने वहां बैठे सांसदों से पूछा कि कौन बैठाने वाला है, कौन बैठाएगा? क्या बात करते हो, अब उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसपर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
वीडियो में विपक्षी सांसद उन्हें रोकने के लिए कह रहे हैं, जिसमें सिंह गुस्से में उनसे पूछ रहे हैं कौन बैठने वाला है? कौन बैठाएगा? गुस्से में उन्होंने पूछा, क्या बात कर रहे हो...बैठो! (तुम लोग क्या कह रहे हो, बैठ जाओ). तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, कई BJP नेताओं को भी सांसदों पर चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, वे उनसे पूछ रहे हैं कि उन्होंने मंत्री को बैठने के लिए कैसे कहा? इसके बाद उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से दखल देने को कहा और फिर उन्होंने विपक्षी सांसदों को शांत कराया.
उन्होंने गुस्से से जवाब दिया - "कौन बैठाने वाला है, कौन बैठायेगा,… pic.twitter.com/BF29iPOEFE
कांग्रेस पर लगाए आरोप
इससे पहले राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को "टुकड़ों में बांटने" का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी "तुष्टिकरण की राजनीति" पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से शुरू हुई थी. वंदे मातरम की शान को वापस लाना समय की ज़रूरत है और यह नैतिकता की भी मांग है. आगे कहा कि 'वंदे मातरम' के साथ जो इंसाफ होना चाहिए था, वह नहीं हुआ और राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ गलत बर्ताव किया गया.
लोगों के साथ हुआ अन्याय
इसके अलाव कहा कि वंदे मातरम के साथ अन्याय कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति की शुरुआत थी. यह सिर्फ़ एक गीत के साथ नहीं बल्कि आज़ाद भारत के लोगों के साथ अन्याय था. उन्होंने ये भी कहा कि वंदे मातरम की निष्पक्ष जांच का समय आ गया है. पूरा गीत और किताब, आनंद मठ, कभी भी "इस्लाम विरोधी" नहीं थे, बल्कि बंगाल के नवाब और ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ़ लोगों की भावनाओं को दिखाते थे.अब वंदे मातरम और इसके इतिहास की निष्पक्ष जांच का समय है. सभी ने वंदे मातरम के पहले दो छंद सुने हैं, लेकिन बहुत से लोग बाकी से परिचित नहीं हैं. ओरिजिनल वर्शन के ज्यादातर हिस्से भुला दिए गए हैं, और वे छंद भारत का सार दिखाते हैं.