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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले, 'कश्मीर समस्या का हल बातचीत से नहीं निकला तो...'

राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वो एक बार बैठ कर बात तो करें. उन्होंने कहा कि जितनी बार मैंने अपील करी है, उतनी बार किसी ने नहीं की है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले, 'कश्मीर समस्या का हल बातचीत से नहीं निकला तो...'
उन्होंने कहा कि अलगाववादी नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते है और यहां के बच्चों से पत्थर फिंकवाते हैं.

कठुआ: जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय के 20 साल पूरे होने पर कारगिल युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया. इसके साथ ही उन्होंने उझ और सांबा में बनाए गए दो ब्रिजों को राष्ट्र को समर्पित किया. इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि ये विडंबना रही है कि आज़ादी के इतने वर्षों के बाद भी सीमाक्षेत्रों का विकास जितना होना चाहिए था नहीं हो पाया. लेकिन, आप सहमत होंगे कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद सीमा क्षेत्रों का विकास हुआ है. 

राजनाथ सिंह ने ब्रिज बनाने का कार्य करने वाले विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि बीआरओ ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ताकत से निभाई और पाकिस्तान की शेलिंग के बावजूद यहां काम किया. उन्होंने कहा कि ब्रिज और सड़क की कमी से लोगों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि ये ब्रिज सुरक्षा जवानों से जोड़ेगा और दुश्वारियों को भी कम करेगा. सेना के जवानों की आसानी से आवाजाही हो सकेगी और कानून व्यवस्था में भी सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि 12 अन्य ब्रिज बनाने का काम भी किया जा रहा है. 

 

उन्होंने कहा कि ये निर्माण कार्य तेजी से इसलिए हो रहा क्योंकि सरकार का मानना है कि विकास के लिए कनेक्टिविटी दुरुस्त होनी चाहिए. हम केवल गांवों को ही नहीं कस्बों को गांव से और शहरों को कस्बों से जोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में जब से आने जाने का सिलसिला बढ़ा है, यह मेरे दिल के करीब रहता है. उन्होंने कहा कि आतंकी जम्मू कश्मीर को नर्क बनाने पर उतारू थे. लेकिन, सेना ने उनको विफल किया है. इसे फिर से जन्नत बनाना हैं. सिंह ने कहा कि कश्मीर में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वो एक बार बैठ कर बात तो करें. उन्होंने कहा कि जितनी बार मैंने अपील करी है, उतनी बार किसी ने नहीं की है.

उन्होंने कहा कि सीनियर लीडर बात करने गए पर उन्होंने बात करना उचित नहीं समझा. कश्मीर की समस्या का समाधान हो कर रहेगा, अगर बातचीत से नहीं तो कैसे निकलेगा समाधान ये मैं अच्छी तरह से जानता हूं. उन्होंने कहा कि अलगाववादी नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते है और यहां के बच्चों से पत्थर फिंकवाते हैं. उन्होंने कहा कि ये बार-बार कहते हैं कि आजादी चाहते हैं, कैसी आजादी जैसी पाकिस्तान में है वैसी. उन्होंने कहा कि 2030 आते-आते भारत दुनिया के टॉप 3 देशों में खड़ा हो जाएगा और ये लोग देश को पीछे ले जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यकीन मानिये कश्मीर की समस्या का समाधान होकर रहेगा.