Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में एक अहम जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय कंपनी सोलर ग्रुप के बनाए हुए नागास्त्र ड्रोन का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया था. इस ड्रोन ने आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला कर अपनी ताकत और भरोसेमंद क्षमता को साबित किया है.
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Nagastra drone: रक्षा मंत्री सोलर इंडस्ट्रीज की मीडियम कैलिबर एम्युनेशन फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए नागपुर पहुंचे थे. जहां उन्होंने कहा कि नागास्त्र ड्रोन के और भी आधुनिक वर्जन तैयार किए जा चुके हैं, जो भविष्य में जरूरत के समय दुश्मनों के लिए बेहद घातक साबित होंगे. उन्होंने पिनाका मिसाइल सिस्टम के निर्यात शुरू होने के बारे में भी जानकारी दी. राजनाथ सिंह का कहना है कि कई देश इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उनके अनुसार ये उपलब्धियां भारत के मजबूत होते रक्षा उद्योग और बढ़ती निर्यात क्षमता को दिखाती हैं.
रक्षा मंत्री ने कहा 'आने वाले कुछ महीनों में सभी परीक्षण पूरे होने के बाद ये हथियार देश की सुरक्षा के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा कवच बनेंगे. आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर लगभग 88 घंटे तक चला और ये ऑपरेशन बेहद कठिन और गंभीर था. ऐसे अभियानों के समय हर मिनट और हर संसाधन बहुत अहम होता है. इसे उन्होंने पिछले दस वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए की गई मेहनत का नतीजा बताता. क्योंकि इस के चलते घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 के 46425 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.
रक्षा उत्पादन
रक्षा मंत्री के अनुसार 33000 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान निजी क्षेत्र का है. इसकी वजह से ही भारत का रक्षा निर्यात जो दस साल पहले 1000 करोड़ रुपये से भी कम था, वो अब बढ़कर 24000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. वर्ष 2021 में निजी क्षेत्र को याद करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मल्टी-मोडल हैंड ग्रेनेड का पहला पूरा बैच उन्होंने खुद सेना प्रमुख को सौंपा था. उससे पहले रक्षा उत्पादन केवल सरकारी क्षेत्र तक ही सीमित था, लेकिन नीतियों में बदलाव और प्रक्रियाओं को आसान बनाने के कारण निजी कंपनियों की भागीदारी भी बढ़ी है.
मजबूत रक्षा उद्योग
रक्षा मंत्री के अनुसार 'आज युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि उनका असर ऊर्जा, व्यापार, सप्लाई चेन, तकनीक से लेकर सूचना जैसे क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. इसके बावजूद सीमाओं की सुरक्षा, आधुनिक हथियार और मजबूत रक्षा उद्योग आज पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं.
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