रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग, इस मुद्दे पर हुई चर्चा

 एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, दूसरी तरफ लद्दाख में चीन के साथ तनातनी जारी है.   

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग, इस मुद्दे पर हुई चर्चा
फाइल फोटो

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग की है. गौरतलब है कि देश इस वक्त कई परेशानियों से जूझ रहा है. एक तरफ कोरोना महामारी और दूसरी तरफ देश के कई शहरों में तूफान दस्तक दे रहे हैं. 

इसके अलावा लद्दाख में भी चीन के साथ तनातनी जारी है. इस तनाव को दूर करने के लिए 6 जून को दोनों देशों की सेनाओं ने बैठक भी की थी. 

ऐसे समय में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 

मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के ताजा हालातों पर चर्चा हुई और भविष्य के लिए भी रणनीति बनाई गई. 

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बता दें कि लद्दाख में सीमा विवाद के मुद्दे को लेकर भारत और चीन के बीच एक महीने की तनातनी के बाद भले ही बातचीत का दौर शुरू हो गया है लेकिन चीन फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एक तरफ जहां सीमा पर दोनों देशों के कमांडर बातचीत कर रहे हैं, वहीं चीनी सरकार का मुख पत्र कहा जाने वाले ग्‍लोबल टाइम्‍स अखबार, वीडियो शेयर कर चीनी सेना की ताकत और पराक्रम दिखाने का प्रयास कर रहा है.

जिस समय भारतीय विदेश मंत्रालय लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीन सेना के कोर कमांडर स्तर की चर्चा के बारे में जानकारी देने के लिए अपना वक्तव्य तैयार कर रहा था, ठीक उसी समय चीनी सरकार का मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (Global Times) भारत पर अपनी सैनिक शक्ति के मनोवैज्ञानिक दबाव डालने के लिए एक रिपोर्ट तैयार कर रहा था.

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ये रिपोर्ट सेंट्रल चीन के हुबेई प्रांत से कुछ घंटों में ही हजारों किलोमीटर दूर ऊंचाई वाले उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र तक हजारों सैनिकों और भारी बख्तरबंद गाड़ियों को तैनात करने के चीनी सेना के अभ्यास के बारे में थी. इसकी एक टीवी रिपोर्ट भी बनाई गई जिसमें सैनिकों और भारी सैनिक-साजोसामान को उस इलाके में पहुंचाते दिखाया गया. इसमें निजी एयरलाइंस,चीनी वायुसेना, ट्रेन और दूसरे तरीक़ों का सैनिकों की तैनाती के लिए इस्तेमाल किया गया. ये वही इलाक़ा है जहां पिछले एक महीने से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. संदेश साफ है. चीन अपनी बात मनवाने के लिए ताकत का इस्तेमाल करने की तैयारी में है. 

शनिवार को लद्दाख के चुशूल के सामने चीन के मोल्दो में भारतीय सेना की 14 वीं कोर के कमांडर ले.जनरल हरिंदर सिंह और चीन की जिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर के बीच मीटिंग हुई जो चार घंटे से ज्यादा चली. रविवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज में जानकारी दी कि चर्चा अच्छी रही और मौजूदा तनाव के सुलझाने के लिए सैनिक-कूटनीतिक कोशिशें चलती रहेंगी. इसका अर्थ साफ था कि अभी चीन न तो सैनिक पीछे हटाने के लिए तैयार है और न ही भारतीय सेना द्वारा कानूनी तौर पर भारतीय इलाके में इंफ्रास्ट्रक्टर बनाने को भी वो मंजूरी दे रहा है. 

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