Corona: Black Fungus के नकली इंजेक्शन और दवाओं का कर रहे थे कारोबार, 2 डॉक्टर समेत 10 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने नकली दवाएं (Fake Drugs) बेचने के आरोप में पुलिस ने दो डॉक्टरों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. उनसे बड़ी मात्रा में नकली इंजेक्शन भी बरामद हुए हैं.

Corona: Black Fungus के नकली इंजेक्शन और दवाओं का कर रहे थे कारोबार, 2 डॉक्टर समेत 10 लोग गिरफ्तार
ब्लैक फंगस ने नकली बेचने वाले आरोपी

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच ने कोरोना काल में ब्लैक फंगस की नकली और एक्सपायर हो चुकी दवाइयां बेच रहे गिरोह का खुलासा किया है. नकली दवाएं (Fake Drugs) बेचने के आरोप में पुलिस ने दो डॉक्टरों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह अब तक मरीजों को करीब 400 नकली इंजेक्शन बेच चुका है.

दिल्ली सरकार ने दी थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक 17 जून को दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोल विभाग से एक शिकायत मिली थी. कंप्लेंट में कहा गया कि मार्केट में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के नकली और एक्सपायर्ड इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं. इसके बाद जांच शुरू करते हुए जामिया नगर से डिलीवरी बॉय वसीम खान को पकड़ा गया. इसके बाद खिदमत मेडिकोज के मालिक शोएब खान और उसके सेल्समैन मोहम्मद फैज़ल यासिन और अफजल को भी दबोच लिया गया. उसी दौरान इंजेक्शन के पैसे लेने के लिए शोएब खान के पास पहुंचे मयंक तलूजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया. 

पुलिस ने ऐसे जोड़ी कड़ियां

पुलिस (Delhi Police) की पूछताछ में शोएब खान ने बताया कि वह ये इंजेक्शन साकेत में मेडी हेल्थकेयर के शिवम भाटिया से लाता था. इसके बाद शिवम भाटिया को भी अरेस्ट कर लिया गया. शिवम भाटिया ने पूछताछ में बताया कि उसे ये इंजेक्शन आफताब नाम के शख्स से मिलते थे. इसके बाद आफताब को निज़ामुद्दीन से जबकि उसके बड़े भाई अल्तमस हुसैन को देवरिया से पकड़ा गया. इसके बाद मेडीज हेल्थकेयर के मालिक डॉक्टर आमिर और डॉयरेक्टर फैजान को पकड़ा गया. 

पुलिस (Delhi Police) के मुताबिक पकड़े गए सभी आरोपियों के पास से ब्लैक फंगस और रेमडेसिवर के 3500 इंजेक्शन बरामद किए गए हैं. ये आरोपी 10 से 15 हजार रूपये में ब्लैक फंगस का एक इंजेक्शन मरीजों और जरूरतमंदों को बेचते थे. पकड़े गए आरोपियो में डॉक्टर अलतमस और डॉक्टर आमिर नकली इंजेक्शन बनाते थे.

कई इंजेक्शन हो चुके थे एक्सपायर

आरोपी से बरामद ज्यादातर इंजेक्शन ब्लैक फंगस की बीमारी में काम आने वाली दवा लिपोसोमल अम्फोटेरिसिन बी के थे. वहीं कुछ इंजेक्शन रेमडेसिविर के भी मिले. इनमें से कई इंजेक्शन एक्सपायर हो चुके थे. जबकि बाकी इंजेक्शन सामान्य फंगस में काम आने वाली दवाओं से बनाए गए थे. 

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पुलिस (Delhi Police) ने बताया कि डॉ आमिर ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रखा है. वहीं डॉक्टर अल्तमश ने लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और फिर एम्स से न्यूरोलॉजी से डिप्लोमा किया है. पुलिस को अल्तमस की डिग्री पर भी शक है. जिसकी जांच की जा रही है. डॉक्टर अल्तमस इसी साल अप्रैल में गाजियाबाद में ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है. उसके घर पर ब्लैक फंगस के इंजेक्शनों की कालाबाजारी का पूरा सेट अप लगा हुआ था. वहीं एक आरोपी फैजान ने बीटेक किया है. 

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