Delhi Bomber Video Shot On Al-Falah Campus: दिल्ली के रेड फोर्ट के पास कार बम धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद ने ब्लास्ट से एक हफ्ते पहले पुलवामा जाकर अपने भाई को फोन सौंपा था. उस फोन में सुसाइड अटैक का वीडियो था, जो जांच एजेंसियों को मिल गया है. वीडियो में उमर आतंक को जायज ठहराता नजर आता है.
Trending Photos
)
Delhi Bomber Visited Pulwama Home Before Blast: दिल्ली रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को कार बम धमाका करने वाला आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर-उन-नबी को लेकर अब कई सारे खुलासे हो रहे हैं. ताजा खुलासा यह हुआ है कि उमर दिल्ली धमाके से एक हफ्ता पहले पुलवामा गया था. मीडिया रिपोर्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों के बताया है कि डॉ. उमर ने 10 नवंबर को दिल्ली में धमाका करने से ठीक एक हफ्ता पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा स्थित अपने घर का दौरा किया था. वहां उसने अपने दो फोनों में से एक फोन अपने भाई को दे दिया था. बताया जाया रहा है कि उमर ने अपने से कहा था कि अगर मेरे कोई खबर आए तो फोन पानी में फेंक देना. इसके बाद वह फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के लिए निकल गया, जहां वो जनरल मेडिसिन में असिस्टेंट प्रोफेसर था.
भाई को लगा पुलिस भाई को भी पकड़ लेगी
उमर के भाई को पता चला कि पहले उसके साथी डॉ. अदील अहमद राथर (7 नवंबर), फिर डॉ. मुजम्मिल शकील (9 नवंबर) और फिर डॉ. शाहीन सईद को पुलिस ने आतंक से जुड़े मामलों में गिरफ्तार कर लिया. भाई को डर लगा कि अब उमर की भी बारी है. उसने घबराहट में उमर का दिया हुआ फोन घर के पास तालाब में फेंक दिया.
फोन मिला, वीडियो बरामद हुआ
पुलिस को उमर के दो फोन का पता था. दोनों बंद मिले. एक का आखिरी लोकेशन दिल्ली, दूसरे का पुलवामा. जब पुलिस पुलवामा पहुंची और भाई से सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आया. धमाका होने के बाद फोन तालाब से बरामद हुआ. पानी से खराब होने की वजह से वीडियो निकालने में कई दिन लगे. मंगलवार को वीडियो सार्वजनिक हुआ.
वीडियो में क्या बोला उमर?
वीडियो में उमर आत्मघाती हमले को “शहादत का ऑपरेशन” बता रहा है. वो कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को गलत समझा जाता है, ये तो इस्लाम में मशहूर शहादत का तरीका है. मौत कब और कहां आनी है, किसी को पता नहीं. मौत से डरना नहीं चाहिए. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार उमर बहुत आत्मविश्वास से बोल रहा था, जैसे पहले से स्क्रिप्ट तैयार की हो.
प्लान अल फलाह यूनिवर्सिटी के कमरा नंबर 13 में बना
सूत्र बता रहे हैं कि वीडियो अल फलाह यूनिवर्सिटी के बिल्डिंग नंबर 17 के कमरा नंबर 13 में शूट किया गया था. यही कमरा इन कथित रैडिकलाइज्ड डॉक्टर्स का अड्डा था. यहां से 2900 किलो विस्फोटक भी बरामद हुआ था जो डॉ. मुजम्मिल के नाम पर किराए के मकान में रखा था. माना जा रहा है कि ये लोग पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे.अब तक की सबसे बड़ी बातवीडियो कम से कम एक हफ्ता पुराना है, शायद उससे भी पुराना. अभी ये साफ नहीं कि उमर उसमें अपना प्लान बता रहा था या दूसरों को भड़का रहा था. जांच जारी है.