Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में मुख्य संदिग्ध माने जा रहे डॉ. उमर नबी को लेकर नई जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2023 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज से डॉ. नबी को लापरवाही और लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किया गया था.
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Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में मुख्य संदिग्ध माने जा रहे डॉ. उमर नबी को लेकर नई जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2023 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से डॉ. नबी को लापरवाही और लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किया गया था. बताया जा रहा है कि उनकी गैरहाजिरी के कारण एक मरीज की मौत हो गई थी. अस्पताल प्रशासन ने घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की थी जिसने सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस महत्वपूर्ण समय में डॉ. नबी की अनुपस्थिति की पुष्टि की थी. जांच समिति ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया था लेकिन उन्होंने कोई बयान नहीं दिया. समिति की सिफारिश पर उन्हें कॉलेज से बर्खास्त कर दिया गया था. जीएमसी अनंतनाग के उनके पूर्व सहयोगियों और मरीजों ने भी डॉ. नबी के असभ्य व्यवहार और लापरवाही को बार-बार होने वाली समस्या बताया था.
2023 में उमर ने ज्वाइन किया था अल-फलाह विश्वविद्यालय
जानकारी के मुताबिक, अनंतनाग से बर्खास्तगी के बाद, डॉ. नबी ने 2023 में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला था. जांच में यह खुलासा हुआ है कि डॉ. नबी और उसी विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ अन्य डॉक्टर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे. जांच एजेंसियों का मानना है कि डॉ. नबी ही 10 नवंबर 2025 को लाल किला विस्फोट में विस्फोटकों से लदी कार चलाने वाला आत्मघाती हमलावर था. इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई थी. माना जा रहा है कि विस्फोट में डॉ. नबी की भी मौत हो गई. विस्फोट स्थल से बरामद अवशेषों की पहचान की पुष्टि के लिए जम्मू-कश्मीर के पुलवामा स्थित उनके परिवार से डीएनए नमूने लिए गए हैं. जांच एजेंसियां अब इस मॉड्यूल के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी हुई हैं.