Delhi Bomb Blast Latest Updates: दिल्ली में हुए बम विस्फोट पर कांग्रेस ने हमेशा की तरह नकारात्मक राजनीति शुरू कर दी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री जमीर अहमद खान ने इशारों में ब्लास्ट और बिहार चुनाव में लिंक होने होने आरोप लगाया है.
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Congress leader Zameer Ahmed controversial statement: दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. कर्नाटक के कांग्रेस नेता और मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने इस धमाके को लेकर एक विवादित बयान दिया है. जमीर ने कहा, दिल्ली में कार ब्लास्ट नहीं होना चाहिए था, लेकिन यह घटना 10 तारीख को हुई और अगले ही दिन यानी 11 तारीख को बिहार में चुनाव थे. हमने सुना है कि इसमें राजनीतिक संलिप्तता है. गृह मंत्री अमित शाह को इस पर जवाब देना चाहिए.'
जमीर अहमद के इस बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है. बीजेपी ने कांग्रेस पर आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे शर्म आनी चाहिए. जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह सिर्फ निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है. दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच फिलहाल एनआईए और केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं, लेकिन इस बयान से देश की सियासत में एक और विवाद खड़ा हो गया है.
दिल्ली में सनसनी का माहौल
उधर राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए बम ब्लास्ट के बाद से सनसनी का माहौल है. घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. जांच एजेंसियों को CCTV फुटेज से नए सुराग मिले हैं, जिससे अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है. फुटेज में एक संदिग्ध आतंकी को दिल्ली की सड़कों पर लाल रंग की ईको स्पोर्ट्स कार में घूमते हुए देखा गया है. इस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर दिल्ली का ही बताया जा रहा है.
दो कारों में दिल्ली पहुंचे थे आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि यह आतंकी फरीदाबाद स्थित जैश मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है. शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकी गिरोह के सदस्य दो कारों में दिल्ली पहुंचे थे. दोनों वाहनों को चांदनी चौक की पार्किंग में एक साथ देखा गया था. वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में यह कारें रिकॉर्ड हो गईं. बाद में एक कार के बारे में सुराग हाथ लगा, लेकिन दूसरी लाल ईको स्पोर्ट्स कार अब भी राजधानी की सड़कों पर घूम रही है.
इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर रखा है. दिल्ली-एनसीआर के सभी प्रमुख बाजारों, मॉल, ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ी हुई है. खासकर इंडिया गेट, लाल किला, कनॉट प्लेस और सरोजिनी नगर जैसे इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.
दिल्ली बॉर्डर पर नाकेबंदी जैसा माहौल
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर के हर प्रमुख एंट्री पॉइंट और बॉर्डर इलाकों पर इस वक्त नाकेबंदी जैसा माहौल है. पुलिस की टीमें संदिग्ध वाहनों की जांच में जुटी हैं. केंद्रीय एजेंसियों ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और वाहन ट्रैकिंग डेटा की मदद से लाल ईको स्पोर्ट कार का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
इस बीच, हरियाणा के फरीदाबाद से भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, जम्मू कश्मीर पुलिस की एक टीम जांच करने के लिए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पहुंची है. बताया जा रहा है कि यह टीम फरीदाबाद जैश मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों की पूछताछ के लिए यहां पहुंची है. यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों पर शक जताया जा रहा है कि उनका इस आतंकी नेटवर्क से कोई संबंध हो सकता है.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े आतंक के लिंक!
जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ फरीदाबाद पुलिस की टीम भी जांच में शामिल है. सूत्रों के अनुसार, टीम ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और कुछ छात्रों से पूछताछ की है तथा हॉस्टल और लैब परिसर की तलाशी भी ली है. बम ब्लास्ट की इस जांच पर केंद्रीय गृह मंत्रालय लगातार हालात पर नजर रखे हुए है.
मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और एनआईए अधिकारियों के साथ आपात बैठक की है. जिसमें दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा, आतंकी नेटवर्क की जांच और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी चर्चा की गई. गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें.
रणनीतिक स्थानों पर NSG की टीमें तैनात
आतंकी खतरे के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. CISF और NSG की टीमें रणनीतिक स्थानों पर तैनात हैं. राजधानी में आने-जाने वाले वाहनों की जांच में विशेष स्कैनर और बम डिटेक्शन डिवाइस लगाए गए हैं.
हालांकि अब तक किसी आतंकी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच एजेंसियों को जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल पर गहरा शक है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हाल ही में पकड़े गए कुछ संदिग्धों ने पूछताछ में हरियाणा के मॉड्यूल का जिक्र किया था.संदिग्ध की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस ने 20 से अधिक टीमों का गठन किया है. राजधानी के कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
फिलहाल, पूरे दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. जांच अधिकारी का कहना है कि CCTV फुटेज से मिले सबूत बहुत अहम हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इस केस में बड़ा खुलासा हो सकता है. फिलहाल, जनता को सतर्क रहने और किसी भी अफवाह से बचने की सलाह दी गई है.