दिल्ली : वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ स्तर पर पुहंची, 113 उद्योगों को बंद करने का निर्देश

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 348 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी दर्शाता है. 

दिल्ली : वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ स्तर पर पुहंची, 113 उद्योगों को बंद करने का निर्देश
(फोटो साभार - PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु गुणवत्ता के गिरते स्तर के मद्देनजर अधिकारियों ने पाइप प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को नहीं अपनाने पर 113 उद्योगों को बंद करने का निर्देश दिया है. आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन 113 उद्योगों में से 67 बवाना और नरेला उद्योग क्षेत्र में स्थित हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 348 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी दर्शाता है.

उपराज्यपाल अनिल बैजल के नेतृत्व में की गई बैठक में अधिकारियों ने एलजी को बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ 1368 कारण बताओ नोटिस और 417 को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं.

उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया,‘पीएनजी ना अपनाने वाले 113 उद्योगों को बंद करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.’ एलजी ने बढ़ते वायु प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पर्यावरणीय मार्शल की अधिक तैनाती का निर्देश भी दिया है.

केजरीवाल ने प्रदूषण के लिए केंद्र, हरियाणा, पंजाब सरकार को ठहराया जिम्मेदार 
इससे पहले सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के लिए केंद्र और हरियाणा एवं पंजाब की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि आप सरकार के सभी प्रयासों के बावजूद वे कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं. 

केजरीवाल ने ट्वीट किया,‘दिल्ली में प्रदूषण पूरे वर्ष नियंत्रण में रहा लेकिन प्रतिवर्ष इस समय (सर्दी) दिल्ली को केंद्र, भाजपा नीत हरियाणा और कांग्रेस नीत पंजाब सरकारों के चलते गंभीर प्रदूषण का सामना करना पड़ता है.’ उन्होंने कहा,‘हमारे सभी प्रयासों के बावजूद वे कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं. इन दोनों राज्यों के किसान भी अपनी सरकारों से तंग आ चुके हैं.’

(इनपुट - भाषा)