सेना की इन 2 महिला अफसरों ने ट्रेन में किया ऐसा काम कि यात्री बोले - 'इंडियन आर्मी जिंदाबाद'

दोनों महिला कैप्टन हावड़ा एक्सप्रेस से लखनऊ अपने बेसिक नर्सिंग आफिसर्स कोर्स में शिरकत करने जा रही थीं. 

सेना की इन 2 महिला अफसरों ने ट्रेन में किया ऐसा काम कि यात्री बोले - 'इंडियन आर्मी जिंदाबाद'
देशवासी दोनों महिला अफसरों को बधाई दे रहे हैं..

चंडीगढ़: सेना की दो महिला कैप्टन आफिसर्स की हर कोई तारीफ कर रहा है. दरअसल, शनिवार को एक महिला हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रही थी लेकिन रास्ते में उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. आपात स्थिति इतनी ज्यादा था कि ट्रेन को चैन पुलिंग के जरिये बीच में कहीं रोककर महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं था. महिला और उसके गर्भ में बच्चे की जान आफत में थी. ऐसे में सेना की दोनों नर्सिंग अफसर कैप्टन ललिता और अमनदीप ने बड़ा रिस्क उठाते हुए चलती ट्रेन में ही डिलीवरी करवाने का फैसला लिया और नार्मल डिलीवरी करवाकर मां कोमल और उसकी नवजात बेटी की जान बचाई. भारतीय सेना ने अपने ट्विटर हैंडल से बच्चे की तस्वीर शेयर करते हुए इसकी जानकारी दी.

मिली जानकारी के मुताबिक दोनों महिला कैप्टन हावड़ा एक्सप्रेस से लखनऊ अपने बेसिक नर्सिंग आफिसर्स कोर्स में शिरकत करने जा रही थीं. वे ट्रेन की बोगी नंबर बी-वन में सवार थीं और इसी बोगी में 21 वर्षीय गर्भवती कोमल भी अपने परिवार के साथ सवार थी. ट्रेन नजीबाबाद और मुरादाबाद के बीच थी और वक्त था 27 दिसंबर अल सुबह 3.50 मिनट. बोगी में सभी यात्री अपनी सीटों पर सो रहे थे. तभी गर्भवती कोमल को तेज प्रसव पीड़ा उठी और वे ट्रेन में लगातार चिल्लाने लगी. यात्री भी मदद के लिए महिला के पास पहुंचे, मगर महिला की स्थिति देखकर सभी दंग रहे. महिला लगातार चिल्ला रही थी. तभी सेना की इन दोनों कैप्टन आफिसर्स ने अपना परिचय देते हुए मदद की पेशकश थी. 

महिला की स्थिति काफी नाजुक होती जा रही थी जिस पर तुरंत डिलीवरी करवाई जानी थी. दोनों महिला कैप्टन ने इस मोर्चे पर भी कमान संभाली और चलती ट्रेन में ही यात्रियों से तुरंत शेविंग ब्लेड, धागे और हॉट वॉटर बोटल के गरम पानी के इंतजाम करने को कहा. यात्रियों ने भी अपना दायित्व समझते हुए हड़कंप की स्थिति को छोड़ दोनों महिला कैप्टन के दिशा-निर्देशों पर काम करना शुरू कर दिया. अभी मुरादाबाद स्टेशन आने को 20 मिनट बाकी थे. डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हुई और मौके पर जो कुछ भी उपलब्ध हुआ, दोनों महिला कैप्टन ने उसी से कोमल की 20 मिनट में नार्मल डिलीवरी करवाकर उसकी व नवजात बच्ची की जान बचा ली. 

मुरादाबाद स्टेशन पर रेलवे की चिकित्सा अधिकारी को भी पहले ही सूचित किया जा चुका था. लिहाजा वहां पहुंची चिकित्सा अधिकारी ने भी कोमल को मुरादाबाद में अटैंड किया और सब कुछ सही पाए जाने पर कोमल को उसके गंतव्य रायबरेली तक सफर की अनुमति दी. 

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यात्री भी दोनों महिला कैप्टन आफिसर्स की इस मदद से खासे उत्साहित हुए और उन्होंने तालियों की गूंज व ‘इंडियन आर्मी जिंदाबाद’ के नारे लगाकर उनका आभार व्यक्त किया. फिलहाल देशवासी दोनों महिला अफसरों को बधाई दे रहे हैं और उनके द्वारा आपात स्तिथि में मोर्चा संभालने की तारीफ़ कर रहा है. लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे है: we are proud of you Indian Army.  

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