दिल्ली : तुगलकाबाद में गैस रिसाव से करीब 460 बच्चे बीमार, चीन से आया था केमिकल

दक्षिणपूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में दो स्कूलों के निकट रासायनिक रिसाव की वजह से विषला धुआं निकलने के बाद कम से कम 460 छात्राएं प्रभावित रहीं। छात्राओं को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। तीन छात्राएं दो अस्पतालों के आईसीयू में हैं और बाकी को छुट्टी दे दी गयी है।दिल्ली सरकार के रानी झांसी स्कूल और गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की शिकायत के बाद निकटतम अस्पतालों में ले जाया गया।  

दिल्ली : तुगलकाबाद में गैस रिसाव से करीब 460 बच्चे बीमार, चीन से आया था केमिकल
तुगलकाबाद में एक स्कूल के पास हुआ गैस रिसाव

नई दिल्ली : दक्षिणपूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में दो स्कूलों के निकट रासायनिक रिसाव की वजह से विषला धुआं निकलने के बाद कम से कम 460 छात्राएं प्रभावित रहीं. छात्राओं को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. तीन छात्राएं दो अस्पतालों के आईसीयू में हैं और बाकी को छुट्टी दे दी गयी है.दिल्ली सरकार के रानी झांसी स्कूल और गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की शिकायत के बाद निकटतम अस्पतालों में ले जाया गया.

पुलिस के अनुसार सुबह करीब 7:35 बजे तुगलकाबाद डिपो के कस्टम इलाके में कोई रासायनिक पदार्थ रिसने के बारे में फोन कॉल आई थी.राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कहा कि क्लोरोमिथाइल पायराइडीन के 80 कैन लेकर एक ट्रक तड़के 3:30 बजे तुगलकाबाद से सोनीपत के लिए निकला था.

उसने कहा, ‘डिपो से बाहर आने के बाद चालक ने चाय पीने के लिए ट्रक तुगलकाबाद में रेलवे कॉलोनी के पास सड़क किनारे खड़ा किया. इस दौरान कोई रासायनिक पदार्थ सड़क पर छिड़का गया. चाय पीने के बाद चालक सोनीपत के लिए निकल गया.’ संदेह है कि चीन से आया रासायनिक पदार्थ कंटेनर चढ़ाये या उतारे जाते समय छिड़क गया था.

 

एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह तरल अवस्था में था और हवा के संपर्क में आकर वाष्पीकृत हो गया.’एनडीआरएफ के मुताबिक एक टीम ने प्रभावित क्षेत्र को दूषित रसायन से मुक्त किया.राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक आर के पचनंदा ने कहा, ‘तुगलकाबाद इलाका अब सुरक्षित है. सारे कंटेनर खाली करके धो दिये गये हैं.’’ इस बीच प्रभावित छात्राओं ने बताया कि उन्हें चार अस्पतालों- हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अपोलो, बत्रा और ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक छात्रा को सफदरजंग अस्पताल भेजा गया.

हमदर्द अस्पताल में नौ से 15 साल की उम्र की करीब 250 छात्राओं को भर्ती कराया गया था. अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, ‘उन्हें आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और पेट में दर्द की समस्या थी. उन सभी को भर्ती कराया गया और उपचार किया गया.’लड़कियों के परेशान माता-पिता ने स्कूल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया.

रिसाव से प्रभावित हुई दो बच्चियों के पिता नरेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि बहुत सुबह से ही कंटेनर से रिसाव होने लगा और आसपास के लोगों ने उस समय रिसाव रोकने के लिए मिट्टी और पानी डाला. लेकिन वे इसके असर का पूर्वानुमान नहीं लगा सके.’दिल्ली सरकार ने घटना के मामले में तुगलकाबाद डिपो के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तथा मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है.

पुलिस ने इस संबंध में भारतीय दंड संहिता :आईपीसी: और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.दक्षिणपूर्वी जिला प्रशासन ने सीमाशुल्क विभाग और कंटेनर कॉपरेरेशन आफ इंडिया लिमिटेड को नोटिस भेजा है.

जिला मजिस्ट्रेट :दक्षिण पूर्व: बी एस जगलान ने कहा, ‘हम मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे क्योंकि डिपो में खतरनाक रसायन रखे हुए हैं.’ कंटेनर कॉपरेरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह चिंता की बात है और वह इस मामले को देख रहे हैं. हम जांच में सहयोग करेंगे.

इस बीच अस्पतालों ने कहा कि अधिकतर छात्राओं को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों को पीड़ितों की मदद करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था. एम्स के डॉक्टरों के एक दल को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के लिए दोषी पाये गये लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. केजरीवाल ने एक अस्पताल में छात्राओं से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘दिल्ली सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट से मामले की जांच करने को और यह पता लगाने को कहा है कि डिपो में गैस कैसे रिसी.’ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि उन्होंने क्षेत्रीय जिला मजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं.

उन्होंने कहा,‘स्कूल में परीक्षा होने वाली थी, जिसे घटना के बाद रद्द कर दिया गया.’ उन्होंने बताया कि एम्स का एक दल गैस रिसाव की घटना के चिकित्सकीय प्रभाव का अध्ययन कर रहा है.