CAA का बदला लेना चाहते थे आतंकी, 8 दिनों तक दिल्ली पुलिस इनसे उगलवाएगी सारी सच्चाई

पुलिस ने जज को बताया कि ये चारों पीएफआई से संबंध रखते हैं, सीएए के बाद दिल्ली, यूपी और गुजरात मे हुई हिंसा के बाद पुलिस ने दंगाई पर जिस तरह से कार्रवाई की थी उसी का बदला लेने के लिए ये लोग तमिलनाडू से दिल्ली आए थे. 

CAA का बदला लेना चाहते थे आतंकी, 8 दिनों तक दिल्ली पुलिस इनसे उगलवाएगी सारी सच्चाई
दिल्ली पुलिस की मांग को कोर्ट ने मांगते हुए ISIS के सदस्यों को 8 की रिमांड पर भेज दिया है. प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: दिल्ली के वजीराबाद से एनकाउंटर के बाद तीन और गुजरात से गिरफ्तार एक आईएसआईएस के आतंकियों को सोमवार को स्पेशल सेल ने चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उसे आठ दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. सुनवाई जज के चैंबर में हुई जहां पुलिस ने जज को बताया कि किस तरह ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में टेरर स्ट्राइक को अंजाम देना चाहते थे. 

पुलिस ने जज को बताया कि ये चारों पीएफआई से संबंध रखते हैं, सीएए के बाद दिल्ली, यूपी और गुजरात मे हुई हिंसा के बाद पुलिस ने दंगाई पर जिस तरह से कार्रवाई की थी उसी का बदला लेने के लिए ये लोग तमिलनाडू से दिल्ली आए थे. 

ये लगातार विदेश में बैठे अपने एक हैंडलर के संपर्क में रहते थे, इनको टास्क दिया गया था कि 26 जनवरी से पहले एक साथ अलग-अलग जगहों में पुलिस वालों और हिन्दू नेताओं की हत्या करें. तमिलनाडू से 6 आईएसआईएस से प्रभावित ये लोग दिल्ली और गुजरात गए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात एटीएस ने चार आतंकियों को तो गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अभी भी फ़रार हैं. 

इनका लीडर ख़्वाजा मोउनुद्दीन की स्पीच से प्रभावित होकर बाकी लोग पीएफआई से जुड़ गए थे. इन्होंने पहले भी केरल में हिन्दू नेताओं और पुलिस वालों की हत्या की थी, आतंकी घटनाओं में शामिल होने की वजह से ख़्वाजा मोउनुद्दीन को एनआईए ने भी गिरफ्तार किया था. पुलिस अब इन लोगों से इनके बाकी के दो साथी और इनके टारगेट के बारे में जानना चाहेगी. इसके साथ ही पुलिस को शक है कि इनका विदेशी हैंडलर कोई और नहीं पाकिस्तान में बैठा हुआ आईएसआई का अधिकारी है. हालांकि पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनोती इनके दो फ़रार साथियों को तलाश करना है.

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