वोटरों के नाम काटने का मुद्दा: EC की एडवाइजरी के बाद आप और बीजेपी में घमासान तेज

एक तरफ आप ने आयोग पर निशाना साधा है वहीं बीजेपी भी आप के खिलाफ हमलावर हो गई है. 

वोटरों के नाम काटने का मुद्दा: EC की एडवाइजरी के बाद आप और बीजेपी में घमासान तेज
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले में चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली वालों को इस बारे में की जा रही अज्ञात फोनकॉल पर शनिवार को परामर्श जारी किए जाने के बाद एक तरफ आप ने आयोग पर निशाना साधा है वहीं बीजेपी भी आप के खिलाफ हमलावर हो गई है. 

आप और बीजेपी के बीच घमासान का दौर चुनाव आयोग द्वारा जारी उस परामर्श के बाद तेज हो गया जिसमें आयोग ने मतदाताओं को मतदाता सूची से नाम काटे जाने की सूचना देने वाली भ्रामक फोनकॉल से सावधान रहते हुए इन पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी.

आप ने पिछले महीने की थी नाम काटे जाने की शिकायत
उल्लेखनीय है कि आप ने पिछले महीने आयोग से दिल्ली की मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायत की थी. इसके बाद पिछले कुछ दिनों से मतदाताओं को फोनकॉल के जरिये उनके नाम मतदाता सूची से काटे जाने और इन्हें फिर से जुड़वाने की पेशकश किये जाने की आयोग को शिकायत मिली. इस पर संज्ञान लेते हुये आयोग ने यह परामर्श जारी किया.

बीजेपी का आरोप फोनकॉल ऑप की तरफ से आ रहे हैं
बीजेपी का आरोप है कि मतदाताओं को ये फोनकॉल आप की ओर से की जा रही हैं. आयोग के परामर्श में यद्यपि आप या किसी दल के नाम का जिक्र नहीं है लेकिन इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा ‘चुनाव आयोग को यह जवाब देना चाहिये कि तेलंगाना में 22 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने पर क्या आयोग ने माफी नहीं मांगी? खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदान केन्द्र पर मौजूद मतदाता सूची में कटे क्यों पाये गये जबकि आयोग की वेबसाइट पर उनके नाम दर्ज थे?’

बीजेपी-आप ने किए अपने-अपने दावे
केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने दिल्ली के 24 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की पुष्टि करने वाली सूची आप को दी थी. केजरीवाल ने आयोग पर इस मामले में शामिल अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाते हुये पूछा कि आयोग दिल्ली सरकार को मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने की जांच क्यों नहीं करने दे रहा है और ना ही खुद कर रहा है.

इसके जवाबी ट्वीट में बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने केजरीवाल पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुये कहा ‘‘पिछले 10 सालों मे कटे हैं 24 लाख वोट, इसमें 10 सालों मे दिल्ली में मरने वाले, फ़ार्म-7 भर स्वयं वोट कटवाने वाले, कम्प्यूटरीकरण के कारण एक मतदाता के डबल वोट की पहचान से हटे वोट शामिल हैं. इस दौरान 30 लाख नये मतदाता बने भी है. यह सामान्य प्रकिया है.’’ 

इसके जवाब में केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा ‘आपके चुनाव आयोग ने ही हमें चार साल में काटे गये 24 लाख लोगों की सूची दी है. इस बार बीजेपी का गंदा खेल पहले ही खुल गया. इसलिए आप इतना बौखलाए हुए हैं. मैं अभी आपको अगर कई ऐसे लोगों की सूची दूं, जिनके नाम फ़र्ज़ी तरीके से काटे गए हैं, तो क्या आपका चुनाव आयोग इस्तीफ़ा देगा?’

इस बीच आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले में चुनाव आयोग अफसरों और बीजेपी की मिलीभगत का आरोप लगाते हुये कहा कि इस प्रकार से संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग करके जनता का अधिकार छीनने का काम नहीं किया जाना चाहिये. चड्ढा ने कहा कि आप सबूतों के माध्यम से आयोग को सूचित कर चुकी है कि एक षड्यंत्र के तहत दिल्ली की मतदाता सूची से 30 लाख लोगों के नाम गैर-कानूनी तरीके से काट दिए गए हैं.

(इनपुट - भाषा)