अब मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ पंडित के आशीर्वाद की ही नहीं, बल्कि एफिडेविट की भी जरूरत!

जिस पंडित ने आपकी शादी करवाई उससे एफिडेविट लेना मत भूलिएगा, नहीं तो चक्कर काटते रह जाएंगे.

अब मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ पंडित के आशीर्वाद की ही नहीं, बल्कि एफिडेविट की भी जरूरत!
नगर निगम की अजीबोगरीब शर्त इन दिनों नवविवाहित दंपतियों के लिए आफत बनी हुई है.(फाइल)

हिसार: हरियाणा के हिसार से एक हैरान कर देने वाली खबर से आपको रूबरू करवाते हैं. यहां के नगर निगम की अजीबोगरीब शर्त इन दिनों नवविवाहित दंपतियों के लिए आफत बनी हुई है. मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए अगर आप हिसार नगर निगम में आने वाले हैं, तो जिस पंडित ने आपकी शादी करवाई उससे एफिडेविट लेना मत भूलिएगा, नहीं तो चक्कर काटते रह जाएंगे.

अगर आप हिसार शहर या इसके आस-पास के इलाके से हैं और मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए आप हिसार के नगर निगम आने वाले हैं तो जरा गौर से सुन लीजिए. अब विवाह संपन्न करवाने वाले पंडित जी के खाली आर्शीवाद से काम नहीं चलेगा. आर्शीवाद के साथ-साथ आपको पंडित जी से एफिडेवेट भी लेना होगा. ऐसा हम नहीं, बल्कि खुद नगर निगम के कार्यालय में चस्पाएं गए दस्तावेज से साबित हो रहा है. हालांकि सरकार की तरफ से ऐसा कोई नियम नहीं है. लेकिन निगम द्वारा चस्पाया गया यह दस्तावेज खूब चर्चा का विषय बना हुआ है.
 
जो कागज चस्पा, उसमें 15 दस्तावेज अंकित
नगर निगम हिसार की जिस ब्रांच में वैवाहिक पंजीकरण होता है, वहां दस्तावेज चैकिंग रूम के सामने ही 15 दस्तावेजो की सूची चस्पी मिली. इस सूची में प्वाइंट नंबर 4 पर रेजिडेंट प्रूफ मांगा गया है. खास बात यह है कि इसमें आधार कार्ड के बारे में लिखा है कि यह रेजिडेंशल प्रूफ नहीं माना जाएगा. जबकि आपको बता दें कि हर सरकारी महकमे इवन पासपोर्ट में भी इसका इस्तेमाल होने लगा है.

क्या पंडित वाली शर्त लागू है?
इसके अलावा प्वाइंट नंबर 9 में पंडित के एफिडेवेट वाला प्वाइंट लिखा है. इसके अलावा प्वाइंट 10 में मैरिज पैलेस का बिल भी मांगा गया है. जिस कर्मचारी की ड्यूटी फाइल चैकिंग की हैं, उससे भी हमने बातचीत की. वहां मौजूद महिला कर्मी अनिता से जब पूछा गया कि क्या पंडित वाली शर्त लागू है, तो वो ज्यादा कुछ नहीं बोली. उन्होंने ज्यादा कुछ बोलने की बजाय सिर्फ इतना ही कहां सीनियर अधिकारियों से जाकर इस पहलू के बारे में बातचीत कर लिजिए. अब इन मैडम से कोई पूछे कि क्या वो रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आने वाले आम लोगों से भी ऐसा ही रिप्लाई देती है. चलिए कोई बात नहीं.
 
बाहर फोटो स्टेट वाले के पास भेजा
इसी बीच हमारा वास्ता उन लोगों से भी पड़ा जो इन शर्तो के सताएं हुए है. हमे मिले हिसार के शिव नगर के रहने वाले राहुल और सोनू सोनी. दोनों ही मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए हिसार नगर निगम के चक्कर काट—काट कर थक चुके है. राहुल की 14 नवंबर को ही ज्योति नाम की लड़की से शादी हुई. ऐसे में उन्होंने सरल पोर्टल के जरिए इसका आवेदन किया था, आवेदन करने के बाद हार्ड कॉपी को नगर निगम अधिकारियों के पास जमा करवाने आएं.

राहुल ने बताया कि उनके आॅनलाइन आवेदन पर बिना किसी लिखित के ही आपत्ति जता दी गई. राहुल के अनुसार उन्हें निगम के अधिकारियों की तरफ से निगम परिसर के बाहर एक फोटो स्टेट की दुकान पर भेजा गया, और कहां वहां से फाइल तैयार करवा लो. जहां हैरानी करने वाली बात सामने आई, राहुल को वहां इस प्रक्रिया के लिए 30 डॉक्यूमेंट वाली सूची थमा दी गई. राहुल ने जो वो सूची उपलब्ध करवाई है, वो और भी हैरान करने वाली है. उस सूचित में एमसी या सरपंच से लिखवाकर लाना, शादी करने वाली दपंति की स्टेटमेंट, उनके माता-पिता की स्टेटमेंट के साथ-साथ पंडित का एफिडेवेट और अन्य चीजे अंकित है.
 
बेतुकी शर्तों को लेकर जताया रोष
कुछ ऐसा ही हिसार के 12 क्वार्टर एरिया के रहने वाले सोनू सोनी के साथ हुआ. सोनू की शादी 2014 में हुई थी, नियमानुसार उसने भी मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए सरल पोर्टल के जरिए आवेदन किया. उसके साथ भी ऐसा ही हुआ. 30 डॉक्यूमेंट वाली सूची मिली, दस्तावेजो की फेहरिस्त देख हैरान रह गए. सोनू ने भी अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा.

सोनू ने बताया कि हिसार नगर निगम की ज्वाइंट कमीश्नर शालिनी चेत्तल से भी मुलाकात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. बल्कि, कागजातों को लेकर कई बातें कहीं गई. राहुल ने कहा कि तीन-चार डॉक्यूमेंट तो हर कोई जमा करवा देगा. लेकिन क्या पंडित का एफिडेविट जैसे शर्तें नियमानुसार सही हैं. राहुल ने इस बीच हरियाणा सरकार की तरफ से इस बारे में जारी गाइडलाइन का भी हवाला दिया. लेकिन राहुल का कहना है कि वहां मौजूद अधिकारी तो आधार कार्ड को प्रूफ तक मानने को तैयार नहीं है.

कोई मानने को तैयार ही नहीं
इतना ही नहीं, राहुल ने बताया कि उसने संबंधित अधिकारी को हरियाणा सरकार के निर्देशों का भी हवाला दिया. लेकिन कोई मानने को तैयार ही नहीं हुआ. दोनों ने इस बारे में लिखित शिकायत हिसार की डीसी प्रियंका सोनी के साथ-साथ हिसार निगम के मेयर गौतम सरदाना को भी दी है. साथ ही सवाल उठाए कि हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सुशासन दिवस पर सरल पोर्टल के लिए बड़ी-बड़ी बात कही, लेकिन अधिकारी अपने मनमर्जी से सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर रहे है.
 
नियमानुसार ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी
वहीं, इस पूरे मसले के बारे में हिसार नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेत्तल से भी हमने बातचीत की. ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेत्तल ने पहले तो एक्ट के अनुसार कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत होती है. उन्होंने विस्तार पूर्वक डॉक्यूमेंट के बारे में जानकारी दी. इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या पंडित के एफिडेवेट वाला प्वाइंट लिखा लेटर रजिस्ट्रेशन ब्रांच में लगा होना सही है, और क्या यह नियम है. तो शालिनी चेत्तल ने कहा कि वो उनकी यहां नियुक्ति से पहले का होगा, उसे वो रिमूव करवा देंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी पर निर्भर होता है, कि वो कैसे रजिस्ट्रेशन के लिए संतुष्ठ होते है. चेत्तल ने कहा कि नियमानुसार ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी.

जानबूझ कर एफिडेविट मांगे
आपको बता दें कि पंडित का एफिडेवेट लेने जैसी शर्त नियमानुसार हैं ही नहीं. हरियाणा सरकार की तरफ से जारी किए गए निर्देशों में भी ऐसे दस्तावेज की कहीं मांग नहीं है. केवल उम्र, एड्रेस और शादी का सुबूत ही काफी है. साथ ही साधारण एफिडेवेट की अगर बात करें तो हरियाणा में सरकार की हिदायतों के अनुसार केवल सेल्फ डिक्लेरेशन ही काफी है. लेकिन फिर भी जानबूझ कर एफिडेविट मांगे जा रहे हैं. फिलहाल अधिकारी ने इस शर्त वाले लेटर को हटवाने की बात कही है. उम्मीद करते हैं कि हिसार नगर निगम में मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले दपंति को अब बेतुकी शर्तों का सामना नहीं करना होगा.