दिल्‍ली में वायु प्रदूषण बरकरार, स्थिति सुधारने को 12 नवंबर तक लगाई गईं ये पाबंदियां

रविवार सुबह दिल्‍ली का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 382 पर रहा. 

दिल्‍ली में वायु प्रदूषण बरकरार, स्थिति सुधारने को 12 नवंबर तक लगाई गईं ये पाबंदियां
राजपथ पर रविवार को यह रहे हालात. फोटो ANI

नई दिल्‍ली : दिल्‍ली में वायु प्रदूषण दिनोंदिन बढ़ रहा है. दिवाली के बाद रविवार को भी राजधानी की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में रही. रविवार सुबह दिल्‍ली का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 382 पर रहा. दिल्‍ली के लोधी रोड में सुबह 8:38 बजे प्रदूषण तत्‍व पीएम 10 का स्‍तर 260 (खराब) रहा. वहीं प्रदूषक तत्‍व पीएम 2.5 का स्‍तर 385 रहा, जो कि बेहद खराब श्रेणी में आता है. 

इसके अलावा मथुरा रोड में पीएम 10 का स्‍तर 347 रहा, जो कि बेहद खराब श्रेणी में है. वहीं पीएम 2.5 का स्‍तर 429 (गंभीर) रहा. हालांकि रविवार को भी दिल्‍ली में हल्‍का धुआं और धुंध छाया रहा. दिल्‍ली के अलावा नोएडा में रविवार को प्रदूषक तत्‍व पीएम 10 का स्‍तर 256 (खराब) रहा. वहीं पीएम 2.5 का स्‍तर 347 (बेहद खराब) रहा. दिल्‍ली से सटे गुरुग्राम में रविवार को एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 399 रहा.

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फाइल फोटो

दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को भी गंभीर रहने पर प्रशासन ने निर्माण गतिविधियों, कोयला और बायोमास पर आधारित उद्योगों और ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी 12 नवंबर तक बढ़ा दी है. जबकि दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाए जाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर दिल्ली-एनसीआर के पुलिस विभागों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के अगले दिन वायु गुणवत्ता गंभीर से बेहद गंभीर रही. गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 642 रहा था जो ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी में आता है. शुक्रवार को भी वायु की गुणवत्ता गंभीर रही. वैसे शनिवार सुबह कुछ देर के लिए प्रदूषण स्तर में गिरावट आई लेकिन शाम को फिर वह गंभीर हो गई.

सीपीसीबी की अगुवाई वाले कार्यबल ने कहा कि चूंकि ‘गंभीर से बेहद गंभीर’ स्थिति 37 घंटे तक बनी रही ऐसे में वह सिफारिश करती है कि निर्माण गतिविधियों, कोयला और बायोमास पर आधारित उद्योगों, ट्रकों के प्रवेश पर चल रही पाबंदी 12 नवंबर, 2018 तक बढ़ाई जाए. कार्यबल राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता की समीक्षा करता है.

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने कार्यबल की सिफारिश के आधार पर पाबंदी की समय सीमा बढ़ाई है. पहले उसने निर्माण गतिविधियों और कोयला एवं बायोमास पर आधारित उद्योगों पर शनिवार तक के लिए और भारी वाहनों के प्रवेश पर रविवार तक के लिए रोक लगाई थी.

वाहनों के प्रवेश पर रोक के चलते गुरुवार रात से 450 से अधिक भारी एवं मझौले मालवाहक वाहन दिल्ली की सीमा से वापस भेज दिये गए. सीपीसीबी ने अनधिकृत पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाए जाने पर पाबंदी नहीं लगाने पर गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा के जिलाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. इन पटाखों से वायु की गुणवत्ता पर बहुत बुरा असर पड़ता है.

सीपीसीबी के मुताबिक गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज की गई जबकि नोएडा और गुड़गांव में बहुत खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई. सीपीसीबी के अध्यक्ष एसपी सिंह परिहार ने एक पत्र भेजकर जिलाधिकारियों और पुलिस विभागों से इस मामले पर सात दिनों में रिपोर्ट मांगी है.

दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव के पुलिस आयुक्तों और गाजियाबाद एवं नोएडा के पुलिस अधीक्षकों को नोटिस भेजे गए हैं. परिहार ने नोटिस में कहा कि ऐसी खबर है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मान्य पटाखों के अलावा अन्य पटाखे दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव और नोएडा में दिवाली के मौके पर बेचे गये और जलाए गए.

पत्र में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त स्थिति उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने का संकेत है.’’ जिलाधिकारियों और पुलिस विभागों को भेजे गये नोटिस में कहा गया है, ‘‘जिलाधिकारी को अनधिकृत पटाखों की बिक्री रोकने के लिए उठाये गये कदम पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया जाता है. उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करने का कारण भी बताने का निर्देश है.’’ 

वायु गुणवत्ता 0 से 50 तक अच्छी मानी जाती है, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत ही खराब और 401 से 500 गंभीर मानी जाती है. भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुसार पीएम 2.5 सांद्रता में वृद्धि के कारण मौसम संबंधी स्थिर परिस्थिति, दिल्ली में प्रदूषकों के वायुमंडल में तैरने और पराली जलाने से इस इसमें हुआ इजाफा शामिल है.

पटाखों जलाने के संबंध में भादसं की धारा 188 (जनसेवक द्वारा उद्घोषित आदेश का उल्लंघन) के तहत कम से कम 562 मामले दर्ज किए हैं. उच्चतम न्यायालय ने लोगों को दिवाली और अन्य मौकों पर रात आठ से दस बजे तक ही खासकर ऐसे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी जिनमें कम प्रकाश, ध्वनि और खतरनाक रसायन हो.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) आलोक कुमार के अनुसार शुक्रवार रात ग्यारह बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक 1559 वाहनों की चेकिंग हुई, 1078 वाहनों को प्रवेश दिया गया क्योंकि उनपर जरुरी सामान लदे थे. 481 वाहन दिल्ली की सीमा से लौटा दिए गए.