close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

1984 सिख विरोधी दंगे: सज्जन कुमार की पेशी के लिए अदालत ने जारी किया वारंट

दंगों के एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से कुमार तिहाड़ जेल में बंद हैं. 

1984 सिख विरोधी दंगे: सज्जन कुमार की पेशी के लिए अदालत ने जारी किया वारंट
सज्जन कुमार पर है 1984 में सिख विरोधी दंगे भड़काने और हत्या का आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को 28 जनवरी को पेश करने के लिए मंगलवार को वारंट जारी किया. जिला न्यायाधीश पूनम ए बांबा ने कुमार की पेशी को लेकर यह वारंट तब जारी किया जब तिहाड़ जेल के अधिकारी उन्हें आज पेश नहीं कर पाए. दंगों के एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से कुमार तिहाड़ जेल में बंद हैं

1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए सज्जन कुमार को हुई उम्रकैद तो यूं निकला कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा...

निचली अदालत में चल रहे इस दूसरे मामले में तीन व्यक्तियों - कुमार, ब्रह्मानंद गुप्ता और वेद प्रकाश पर दंगे भड़काने एवं हत्या के आरोप हैं. इन सभी पर ये आरोप सुल्तानपुरी में सुरजीत सिंह की हत्या के संबंध में तय किए गए हैं. ये दंगे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा 31 अक्टूबर, 1984 को हत्या किए जाने के बाद भड़के थे.

1984 सिख दंगा केस: सज्जन कुमार की अपील पर SC ने CBI से 6 हफ्ते में मांगा जवाब

बता दें हाईकोर्ट ने बीते 17 दिसंबर 2018 को 1984 के सिख विरोधी दंगे भड़काने के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अपने आदेश में कोर्ट ने सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था, लेकिन सज्जन कुमार ने पारिवारिक कामकाज का हवाला देते हुए अर्जी देकर सरेंडर करने की डेट को बढ़ाकर 31 जनवरी करने की मांग की थी.

1984 सिख दंगा: कांग्रेस नेता सज्जन कुमार बरी होंगे या फसेंगे, हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

जिसके बाद कोर्ट ने 21 दिसंबर को सज्जन कुमार की अर्जी खारिज कर दी थी. वहीं इसके बाद कुमार ने कोर्ट की ताउम्र कैद की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. बता दें 17 दिसंबर को कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में दिल्ली में 2700 से भी अधिक सिख मारे गए थे, जो कि एक अविश्वसनीय नरसंहार था.