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दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी के केजरीवाल ने दिए आदेश, नहीं ली एलजी से मंजूरी

दिल्ली सरकार के अधिकारों को ले कर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केजरीवाल सरकार ने राशन की होम डिलीवरी योजना को शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है.

दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी के केजरीवाल ने दिए आदेश, नहीं ली एलजी से मंजूरी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना शुरू करने के निर्देश दिए... (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के अधिकारों को ले कर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केजरीवाल सरकार ने राशन की होम डिलीवरी योजना को शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है. इस योजना को शुरू करने के लिए उपराज्यपाल की मंजूरी भी नहीं ली गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह राशन उपभोक्ताओं को राशन की होम डिलीवरी करने की व्यवस्था करें. वहीं उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना की प्रगति के संबंध में उन्हें रोज रिपोर्ट दें. इस संबंध में इस संबंध में उन्होने ट्विट के जरिए आम लोगों को भी जानकारी दी.

 

 

उपराज्यपाल ने आपत्ति जताई थी 
इस योजना को ले कर उपराज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी. 6 मार्च को कैबिनट से हरी झंडी मिलने के बाद भी इस याजना की फाइल राजनिवास में पड़ी हुई है। इस योजना के लिए उपराज्यपाल ने अब तक स्वीकृति नहीं दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री की ओर बना उपराज्यपाल की अनुमति के इस योजना को शुरू करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस योजना को ले कर फिर विवाद की स्थिति बन सकती है. 

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 कालाबाजारी पर लगाम के लिए शुरू की गई थी योजना 
दिल्ली सरकार की ओर से राशन की होम डिलिवरी की योजना शुरू करने के पीछे तर्क दिया गया था कि जिन लोगों के लिए राशन उपलब्ध कराया जाता है उन तक पहुंच नहीं पाता. बिचौलिए बीच में ही राशन पर हाथ साफ कर लेते हैं. ऐसे में सरकार ने आम लोगों के घर तक राशन पहुंचाने की योजना बनाई थी. दिल्ली के राशन उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से राशन की होम डिलीवरी करने की दिल्ली सरकार की योजना को पहली बार मार्च महीने में कैबिनेट ने हरी झंडी दी थी. वहीं इस मौके पर घोषणा की गई थी कि आम उपभोक्ताओं के लिए राशन पाने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं रहेगी. दिल्ली के कई इलाकों से शिकायतें आई थी कि आधार कार्ड न होने से राशन नहीं मिल पा रहा है. इसके बाद यह निर्णय लिया गया. 

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क्‍या है योजना 
दिल्ली सरकार की ओर से जब इस इस योजना की घोषणा की गई तो कहा गया कि आम उपभोक्ताओं का राशन बिचौलिए चोरी कर लेते हैं. ऐसे में सरकार ऐसी योजना ला रही है कि जिसके तहत गेहूं, आटा व चावल पैकेट में मिलेगा, इससे मिलावट की गुंजाइश नहीं होगी। राशन की डिलीवरी करने वाला, उपभोक्ता के घर समय ले कर राशन पहुंचाने जाएगा. लेकिन इस योजना पर उपराज्यपाल ने कई तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए रोक लगा दी थी.