दिल्ली पुलिस को 'ठुल्ला' कहने के मामले में केजरीवाल को कोर्ट से मिली राहत

 सात मई 2016 को केजरीवाल को भारतीय दंड संहिता की मानहानि से संबंधित धाराओं 499 और 500 के तहत आरोपी के रूप में तलब किया गया था.

दिल्ली पुलिस को 'ठुल्ला' कहने के मामले में केजरीवाल को कोर्ट से मिली राहत
जस्टिस समर विशाल ने कहा कि कोई सबूत पेश नहीं किया गया जो आरोप को समर्थन करता हो. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने कथित तौर पर दिल्ली के पुलिसकर्मियों को ‘ठुल्ला’ कहने से संबंधित आपराधिक मानहानि के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को आरोपमुक्त कर दिया. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने केजरीवाल को यह कहते हुए राहत दे दी कि दिल्ली पुलिस का शिकायत करने वाला कांस्टेबल मामले में प्रभावित व्यक्ति नहीं है. इसलिए मानहानि की शिकायत विचारयोग्य नहीं है. अदालत ने कहा कि उसका (शिकायतकर्ता अजय कुमार तनेजा) का नाम नहीं लिया गया है. यह देखना होगा कि क्या इस शब्द को सुनने वाले लोग इस नतीजे पर पहुंचे कि जो कहा गया, वह उसके (तनेजा) के लिए कहा गया. किसी व्यक्ति की ओर से ऐसा कोई सबूत नहीं आया जो दूर से भी इस बात का समर्थन करता हो.

इसने कहा कि साक्षात्कार सीधे शिकायतकर्ता पर केंद्रित नहीं था जिससे कि वह यह कह सके कि व्यक्तिगत तौर पर उसकी मानहानि की गई है. न ही यह कहा जा सकता है कि हमले में उसे निशाना बनाया गया है. इस मामले में शिकायतकर्ता को कोई विशिष्ट कानूनी क्षति नहीं पहुंची है. अदालत ने कहा, ‘‘मामले में शिकायतकर्ता पीड़ित व्यक्ति नहीं है, शब्द प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता की मानहानि नहीं करते, इसलिए, उसके द्वारा दायर मानहानि की शिकायत विचार योग्य नहीं है. इसलिए, आरोपी अरविन्द केजरीवाल को उपरोक्त तथ्य पर आरोपमुक्त किया जाता है.’’ 

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इसने सात मई 2016 को केजरीवाल को भारतीय दंड संहिता की मानहानि से संबंधित धाराओं 499 और 500 के तहत आरोपी के रूप में तलब किया था. शिकायतकर्ता ने कहा था कि दिल्ली पुलिस का सदस्य होने के नाते केजरीवाल के शब्द से उसकी मानहानि हुई है. कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि केजरीवाल ने एक टेलीविजन चैनल पर पुलिसकर्मियों के लिए आपत्तिजनक शब्द ‘‘ठुल्ला’’ बोला था.तनेजा की पैरवी करने वाले अधिवक्ता एल एन राव ने कहा कि वह आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे.

(इनपुट-भाषा)