चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीन यात्रियों के लिए खास सुविधा, ब्रेल लिपि कंडक्टर लगाया गया

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीन यात्रियों को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करवाने के मकसद से अब ब्रेल लिपि में दिशानिर्देश लिखे गए हैं.

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीन यात्रियों के लिए खास सुविधा, ब्रेल लिपि कंडक्टर लगाया गया
. रेलवे की ओर से पहले ही ट्रेनों के कोचों में ब्रेल लिपि में सीट नंबर लिखे हुए थे ताकि नेत्रहीन यात्री आसानी से सीट तक पहुंच जाए.

चंडीगढ़: आमतौर पर सार्वजानिक स्थलों पर अक्सर नेत्रहीन यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीनों के लिए खास व्यवस्था की गई है. नेत्रहीन यात्रियों की सहूलियत के लिए स्टेशन पर ब्रेल लिपि इंडिकेटर लगाया गया है जिससे कि नेत्रहीन रेलवे स्टेशन के नक्शे को समझ सकें.

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीन यात्रियों को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करवाने के मकसद से अब ब्रेल लिपि में दिशानिर्देश लिखे गए हैं. रेलवे की ओर से प्लेटफॉर्म तक आसानी से जाने के लिए प्रवेश द्वार, पीने के पानी, लिफ्ट, एक्सीलेटर और सीढ़ियों के पास ब्रेल लिपि में साइन बोर्ड लगाए गए हैं ताकि नेत्रहीन यात्री आसानी से उस जगह पहुंच पाए यहां वो जाना चाहते हैं. प्लेटफॉर्म नंबर एक से लेकर सभी प्लेटफॉर्म पर यह बोर्ड लगा दिए गए हैं. इसका उद्घाटन अंबाला मंडल के डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने किया. इस के बारे में जानकारी देते हुए गुरिंदर मोहन ने कहा कि इस सुविधा को लेकर रेलवे की तरफ से एक साल से प्लानिंग चल रही थी जो कि अब जाकर पूरी हुई है. रेलवे की ओर से पहले ही ट्रेनों के कोचों में ब्रेल लिपि में सीट नंबर लिखे हुए थे ताकि नेत्रहीन यात्री आसानी से सीट तक पहुंच जाए. 

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दिशानिर्देश को ब्रेल लिपि में लिखे जाने को लेकर कई बार दिव्यांग यात्रियों की ओर से रेलवे बोर्ड मंडल में अपील की गई थी. इसके साथ ही पिछले दौरे में नॉर्थ रेलवे के जीएम की तरफ से भी ब्रेल लिपि में साइन को लगाने की बात कही गई थी. इसके बाद से ही आईआरसीटीसी इस दिशा में कार्य कर रहा था. उद्धघाटन समारोह में पहुंचे नेत्रहीन शिव कुमार ने बताया कि रेलवे की यह पहल काफी सराहनीय है. इसी तरह और भी रेलवे स्टेशन में यह सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि नेत्रहीन को रेलवे स्टेशन पर किसी भी जगह जाने के लिए परेशानी का सामना न करना पडे. क्योंकि नेत्रहीन यात्री प्लेटफॉर्म का पता न लगने के कारण अक्सर ट्रेन मिस कर दिया करते है. इसके साथ ही ब्रेल लिपि में बुकलेट भी उपलब्ध की गई है जिसे स्टेशन मास्टर के ऑफिस में रखा जाएगा ताकि नेत्रहीन को इस बुकलेट के ज़रिए और जानकारी मिल सके.