बुलंदशहर गैंगरेप : कौन है बावरिया गिरोह और कैसे वारदातों को अंजाम देता है यह गैंग?

गत 29 जुलाई को दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुलंदशहर के पास एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी से हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद दुर्दांत बावरिया गिरोह एक बार फिर चर्चा में है। मामले में पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनके संबंध बावरिया गिरोह से हैं। बावरिया गिरोह ने लूट-हत्या जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम देते आया है। यह गिरोह काफी संगठित होकर और खास तरीके से अपराधों को अंजाम देता है। इस गिरोह का आतंक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में है। 

बुलंदशहर गैंगरेप : कौन है बावरिया गिरोह और कैसे वारदातों को अंजाम देता है यह गैंग?
बावरिया गिरोह का फाइल फोटो

नई दिल्ली : गत 29 जुलाई को दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुलंदशहर के पास एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी से हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद दुर्दांत बावरिया गिरोह एक बार फिर चर्चा में है। मामले में पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनके संबंध बावरिया गिरोह से हैं। बावरिया गिरोह ने लूट-हत्या जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम देते आया है। यह गिरोह काफी संगठित होकर और खास तरीके से अपराधों को अंजाम देता है। इस गिरोह का आतंक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में है। 

उत्तर प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद ने रविवार को कहा कि बावरिया गिरोह से संबंध रखने वाले तीन आरोपियों की पहचान पीड़ितों ने की है और सभी दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

कौन है बावरिया गिरोह 

-बावरिया गिरोह में शामिल लोग खानाबदोश होते हैं। वे स्वभाव से काफी क्रूर एवं हिंसक होते हैं।
-यह गिरोह ज्यादातर उत्तर भारत में अपराधों को अंजाम देता है। यह गिरोह चड्ढा बनियान और हबूदा के नाम से भी जाना जाता है।
-अपराध करते समय गिरोह के लोग अपना चेहरे को ढंककर रखते हैं।
-अपराध के दौरान हाथ से पकड़े जाने से बचने के लिए ये अपने शरीर पर मिट्टी अथवा तेल का लेप करते हैं।
-इस गिरोह के लोग भिखारी, मजदूर बनकर अपना शिकार और घर ढूंढते हैं।  
-ये अपने साथ रॉड्स, कुल्हाड़ी, चाकू और देसी हथियार रखते हैं।
-ये एक राज्य अथवा शहर में अपराध करने के बाद इलाका बदल देते हैं। 
-गहने लूटने के शौकीन इस गैंग के गुंडे रात को ही वारदात को अंजाम देते हैं।
-लूट- डकैती में नगदी के बजाय गहनों पर पहले कब्जा करते हैं।
-वारदात करने से पहले बाकायदा बदमाश पूजा पाठ करते हैं और वारदात के बाद शराब पीते हैं।
-वारदात के लिए हमेशा सम संख्या यानी 2-4-6-8 की संख्या में ही निकलते हैं।

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