आज वह 'खस्‍ताहाल' बस बता रही है अपना खौफनाक इतिहास, जिसमें हुआ था निर्भया कांड

इस घटना के पूरे 7 साल बाद जी न्‍यूज की टीम ने उस बस तक पहुंची, जिसमें इस भयानक वारदात को अंजाम दिया गया था. 

आज वह 'खस्‍ताहाल' बस बता रही है अपना खौफनाक इतिहास, जिसमें हुआ था निर्भया कांड
इसी बस में निर्भया कांड हुआ था...

नई दिल्‍ली : राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली (Delhi) में 16 दिसंबर 2012 को निर्भया (Nirbhaya Gang Rape) के साथ हुई घिनौनी वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. इस घटना के पूरे 7 साल बाद जी न्‍यूज की टीम ने उस बस तक पहुंची, जिसमें इस भयानक वारदात को अंजाम दिया गया था. जी न्‍यूज की टीम वहां पहुंची, जहां इस बस को रखा गया है. ये बस दिल्ली के सागरपुर इलाके में डीडीए पार्क में खड़ी है, लेकिन ये बस अंदर और बाहर दोनों जगहों से बद से बदतर हो चुकी है. सागरपुर इलाके में ग्राउंड की रखवाली करने वाले सुभाष मिश्रा ने बताया कि ये बस यहां करीब 3 साल से खड़ी है. इसी बस में निर्भया कांड हुआ था.

अभी ये बस सरकारी संपत्ति है. वैसे केस खत्म होने के बाद बस मालिक अपनी बस ले सकता है, लेकिन बस मालिक अभी तक इसे लेने नहीं आया है. जब तक वो बस का मालिक इसे लेने नहीं आता, ये बस सरकारी संपत्ति रहेगी.

निर्भया कांड मामले में सफ़ेद रंग की बस और बस पर लिखे यादव ने ही इसका सुराग दिल्ली पुलिस को दिया था. 16 दिसंबर की रात को बस के ड्राइवर राम सिंह ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दिल्ली की सड़कों पर घूमने का प्लान बनाया, जिसमें नाबालिग समेत 6 लोग थे. जैसे ही बस संत रविदास कैम्प से निकली, तभी इस बस को देखकर एक शख्स ने बस को हाथ दिया और जैसे ही बस उसके पास आकर रुकी तो बस में सवार लोगों ने उसके साथ लूटपाट की और उसे आईआईटी फ़्लाईओवर पर फेंक दिया.

फिर आगे जाकर जब बस मुनिरका बस स्टैंड पर पहुंची, तभी निर्भया और उसका दोस्त इस बस में बैठ गए और कुछ दूरी पर पहुंचते ही बस में सवार लोग निर्भया से जोर-ज़बरदस्ती करने लगे. जैसे ही बस में सवार निर्भया के दोस्त ने विरोध किया तो उसके साथ मार-पिटाई की गई और फिर बस में सवार आरोपियों ने निर्भया के साथ बारी-बारी से रेप किया फिर निर्भया और उसके दोस्त को गंभीर हालत में महिपालपुर फ्लाईओवर के पास फेंककर फरार हो गए.

जांच में पुलिस को सीसीटीवी के जरिये अहम सुराग मिला. सीसीटीवी में दिख रही बस पर यादव लिखा था और फिर लोकल इंटेलिजेंस के जरिये बस का सुराग पुलिस को मिल गया. इसके बाद नाबालिग समेत 6 लोगों को पकड़ा गया. जिसमें नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया था, जो तीन साल बाद बाहर आ गया और फिर बस ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में सुसाइड कर लिया था और बाकी बचे चार आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई. अब देश चारों की फांसी का इतंजार कर रहा है.