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दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के दफ्तर पर CBI का छापा

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के दफ्तर पर CBI का छापा

नई दिल्लीः आज सुबह दिल्ली सचिवालय की 9वीं मंजिल पर सीबीआई ने छापा मारा. ये छापा दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के दफ्तर पर पड़ा. सीबीआई ने ये छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की है. खबर है कि सीबीआई के अधिकारी सत्येंद्र जैन के दफ्तर में कागजात तलाश रही है.

आपको बता दें कि दिल्‍ली सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन पर हवाला कारोबारियों से संबंध रखने का आरोप लगा था. सत्‍येंद्र जैन को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया था. आयकर विभाग ने सत्येंद्र जैन के हवाला कारोबारियों से संबंधों के सबूत मिलने का दावा किया था. मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया गया है कि इस साल जैन ने अपनी सालाना आय 8 लाख रुपये बताई थी.

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जबकि विभाग की जांच में पाया गया कि जैन की कंपनियों के कर्मचारियों ने कोलकाता के हवाला कारोबारियों को नकद राशि पहुंचाई थी. हालांकि सत्‍येंद्र जैन इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. वहीं दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने इसे केंद्र सरकार की साजिश करार दिया था.

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लोगों को इमानदारी का सर्टिफिकेट बांटने वाले अरविंद केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने 16 करोड़ 39 लाख रुपये के कालेधन को हवाला कारोबारियों की मदद से सफेद किया है.  Income Tax विभाग के मुताबिक जांच में साबित होता है कि सत्येन्द्र जैन पिछले कई वर्षों से काला धन बना रहे थे. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक 2010 से 2015 तक कालेधन को कोलकाता के 3 हवाला ऑपरेटर्स के ज़रिये सफेद किया गया. और बाद में इस पैसे से बेनामी ज़मीनें खरीदीं गईं.

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अब आपको ये समझाते हैं कि कालेधन को सफेद बनाने का ये खेल कैसे हुआ? आयकर विभाग के मुताबिक कोलकाता के 3 हवाला ऑपरेटर्स ने सत्येन्द्र जैन के कालेधन को सफेद करने के लिए 56 Shell Companies का सहारा लिया. यहां आपको बता दें कि Shell Companies वो कंपनियां होती हैं जो सिर्फ कागज़ों पर ही मौजूद होती है. असलियत में इन कंपनियों का कोई अस्तित्व नहीं होता. और ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल, काले धन को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता है.

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सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने 16 करोड़ 39 लाख रुपये के कालेधन को. हवाला कारोबारियों की मदद से सफेद किया है. हमारी ये Investigation पूरी तरह से Income Tax विभाग की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर है. हमारे पास बाकायदा सबूतों के साथ वो तमाम दस्तावेज़ हैं जिन्हें देखकर दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन पर शक होता है. जो आरोप लगाए गये हैं उनके मुताबिक सत्य़ेंद्र जैन ने दिल्ली सरकार का मंत्री बनने के बाद भी 2015 तक ये काम जारी रखा. 

आयकर विभाग के मुताबिक जांच में साबित होता है कि सत्येन्द्र जैन पिछले कई वर्षों से काला धन बना रहे थे. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक 2010 से 2015 तक कालेधन को कोलकाता के 3 हवाला ऑपरेटर्स के ज़रिये सफेद किया गया. और बाद में इस पैसे से बेनामी ज़मीनें खरीदीं गईं. अब आपको ये समझाते हैं कि कालेधन को सफेद बनाने का ये खेल कैसे हुआ? आयकर विभाग के मुताबिक कोलकाता के 3 हवाला ऑपरेटर्स ने सत्येन्द्र जैन के कालेधन को सफेद करने के लिए 56 Shell Companies का सहारा लिया. यहां आपको बता दें कि Shell Companies वो कंपनियां होती हैं जो सिर्फ कागज़ों पर ही मौजूद होती है. असलियत में इन कंपनियों का कोई अस्तित्व नहीं होता. और ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल, काले धन को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता है.

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इन 56 कंपनियों के ज़रिये हवाला ऑपरेटर्स ने सत्येन्द्र जैन के नियंत्रण वाली 4 कंपनियों में, 16 करोड़ 39 लाख रुपए ट्रांसफर किये. और ये पूरा लेनदेन 2010 से लेकर 2015 के बीच किया गया. जिन हवाला ऑपरेटर्स के ज़रिये कालेधन को सफेद बनाने का खेल हुआ, उनके नाम हैं जीवेन्द्र मिश्रा, अभिषेक चोखानी और राजेन्द्र बंसल. ये तीनों कोलकाता के रहने वाले हैं. इनकम टैक्स विभाग के दस्तावेज़ों के मुताबिक सत्येन्द्र जैन हवाला के ज़रिये इन ऑपरेटर्स के पास अपना काला पैसा कैश में भिजवाते थे और ये हवाला कारोबारी सत्येन्द्र जैन की कंपनियों के शेयर खरीदने के बदले में Cheque देते थे. 

आयकर विभाग को दिए गए अपने बयान में राजेन्द्र बंसल नाम के हवाला ऑपरेटर ने कई बड़े खुलासे किए हैं. राजेन्द्र बंसल ने अपने बयान में कहा है कि वो कैश लेकर सत्येन्द्र जैन की कंपनियों के 10 रुपये की Face Value वाले शेयर को 390 से लेकर 590 रुपये तक के प्रीमियम पर खरीदते थे और इस तरह से कालेधन को सफेद कर दिया जाता था. ज़ी न्यूज़ के पास हवाला कारोबारी राजेन्द्र बंसल का बयान है, जिसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे. अपने बयान में राजेंद्र बंसल ने ये भी माना है कि कैश का लेनदेन सत्येन्द्र जैन के निर्देशों पर होता था और ये निर्देश सत्येन्द्र जैन अपने मोबाइल फोन से देते थे.