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#PlasticBan: प्लास्टिक और पॉलीथीन का कचरा बिनती पढ़ी-लिखी अमीर महिलाएं

पबिता बाली के अनुसार पॉलिथीन और प्लास्टिक का उपयोग इतना बढ़ गया है कि इसका कचरा पेड़ पौधों को भी खत्म कर रहा है और इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि धरती पर फैले पॉलिथीन और प्लास्टिक के कचरे को हर हाल में हटाया जाए. 

#PlasticBan: प्लास्टिक और पॉलीथीन का कचरा बिनती पढ़ी-लिखी अमीर महिलाएं

चंडीगढ़ः  अपने स्वास्थ्य को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए सुबह शाम आप अक्सर बहुत सारे लोगों को जॉगिंग करते हुए देखते होंगे मगर चंडीगढ़ में कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं जिनको अपने स्वास्थ्य के साथ साथ धरती के स्वास्थ्य की भी फ़िक्र है. इसी फ़िक्र में यह महिलाएं सुबह शाम जॉगिंग पर निकलती हैं तो रास्ते में इनको सड़क किनारे , पार्क या घरों के सामने कहीं भी प्लास्टिक और पालीथीन का पड़ा कचरा दिखाई दे तो इस कचरे को यह उठाने में देर नहीं लगाती.

जॉगिंग पूरी होने तक जमा हुए प्लास्टिक और पालीथीन के कचरे को यह महिलाएं नगर निगम के कर्मचारियों को सौंप देती है ताकि प्लास्टिक और पॉलिथीन का यह कचरा शहर से बाहर निकाल कर कही नष्ट कर दिया जाए. पिछले करीब दो साल से इस अभियान में लगी इन महिलाओं ने अभी तक चार क्विंटल से भी अधिक प्लास्टिक और पालीथीन का कचरा शहर से बाहर निकाल दिया है. 

दरअसल इस अभियान की शुरुआत चंडीगढ़ के एक वकील की धर्मपत्नी पबिता ने की है. पबिता बाली प्लास्टिक और पालीथीन के इतना खिलाफ है कि वो कहीं भी प्लास्टिक या पॉलिथीन दिखाई दे तो उसे तुरंत उठाकर अपनी गाडी की डिक्की में भर लेती है ताकि उसे सही ठिकाने लगाया जा सके.  फिर भले ही वो सड़क से गुजर रही हो या फिर किसी पार्क में प्लास्टिक और पॉलिथीन की फैली गंदगी उनको दिखाई दे.

पबिता बाली के अनुसार पॉलिथीन और प्लास्टिक का उपयोग इतना बढ़ गया है कि इसका कचरा पेड़ पौधों को भी खत्म कर रहा है और इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि धरती पर फैले पॉलिथीन और प्लास्टिक के कचरे को हर हाल में हटाया जाए. 

प्लास्टिक और पॉलिथीन के खिलाफ बाली ने शुरुआत घर के आस पास से अकेले ही की लेकिन बाद में इन्होने इस अभियान में उन महिलाओं को जोड़ कर एक संस्था RUN CLUB बनाई जो महिलाएं अपने सोशल स्टेटस से ज्यादा महत्ता अपने फर्ज को देती हैं . आज अमीर घरों की अच्छी पढ़ी लिखी महिलाएं RUN CLUB का हिस्सा हैं जिनमे कोई टीचर्स है तो कोई बिजनस वूमेन , कोई डाक्टर है तो कोई हाउस वाइफ. पल्स्टिक और पॉलिथीन के खिलाफ इनका अभियान कभी सड़क किनारे चलता है तो कभी यह किसी गंदे पार्क को पॉलिथीन और प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करने के मिशन में जुट जाती हैं.

RUN CLUB  सदस्य विभा पांडे जो कि एक एडुकेशनिस्ट हैं , उन्होंने कहा कि सभी लोग पर्यावरण की प्रवाह नहीं कर रहे लेकिन जो पर्यावरण के महत्व को समझते हैं उनको जरूर चाहिए कि वो पर्यारवण को बचाने में अपना जो भी योगदान दे सके वो जरूर दें. RUN CLUB की एक दूसरी सदस्य हरकिरण सिंह जो एक बिजनस वीमेन हैं ,उनका कहना है कि अपने फर्जों के आड़े अपना सोशल स्टेटस नहीं लाना चाहिए और पर्यावरण की रक्षा करना हम सब का फर्ज है क्यूंकि पर्यावरण दूषित होने के दुष्परिणाम अमीर या गरीब , अशिक्षित या शिक्षित सभी को झेलने पड़ते हैं. 

लोग पॉलिथीन बैग्स का इस्तेमाल बंद करें इसके लिए बाली अपने घर में कपड़े के हर रोज सैकड़ों बैग तैयार करती है और अपने हाथ से बनाए  कपडे के यह बैग कभी  लोगों को मुफ्त बांटती है तो कभी NO PROFIT NO LOSS पर बेचती हैं. मकसद यही है कि लोग पॉलिथीन और प्लास्टिक को अलविदा कहें. पबिता बाली ने बताया कि लोग कई बार पुराने या इस्तेमाल ना होने वाले कपड़े भी उनको देकर जाते हैं और वो इस कपडे के थैले बना कर उनकी वापिस कर देती है ताकी वो पॉलिथीन की बजाए कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करें. 

बहरहाल दो अक्टूबर को देश भर में पॉलिथीन और प्लास्टिक के खिलाफ प्रधान मंत्री का मिशन शुरू होने जा रहा है. इस अभियान में चंडीगढ़ की इन महिलाओं का ये अनोखा योगदान खासकर उन लोगों के लिए जरूर प्रेरणा दायक साबित होगा जो गंदगी फैलाते हुए स्वस्छ पर्यावरण की महत्ता भूल जाते हैं और गंदगी हटाने के फर्ज के आगे अपने समाजिक रूतबे का ख्याल रखना अपनी शान समझते हैं.