केजरीवाल के खिलाफ अर्जी पर सम्मन जारी होने से पहले दर्ज होगा साक्ष्य

मतदाताओं को भाजपा और कांग्रेस से कथित रिश्वत लेने के लिए उकसाने के मामले में आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने सम्मन जारी करने से पहले का साक्ष्य दर्ज करने के लिए नौ अप्रैल की तारीख निर्धारित की।

नई दिल्ली : मतदाताओं को भाजपा और कांग्रेस से कथित रिश्वत लेने के लिए उकसाने के मामले में आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने सम्मन जारी करने से पहले का साक्ष्य दर्ज करने के लिए नौ अप्रैल की तारीख निर्धारित की।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रिचा गोसाईं सोलंकी ने कहा कि मैं सम्मन जारी करने से पहले का साक्ष्य दर्ज करने के लिए नौ अप्रैल की तारीख निर्धारित कर रही हूं। सुनवाई के दौरान मामले में शिकायत करने वाले अधिवक्ता अरूण कुमार ने तर्क दिया कि केजरीवाल ने जनता को राजनीतिक दलों से रिश्वत लेने के लिए उकसाया है। व्यक्तिगत रूप से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि केजरीवाल ने मतदाताओं से कांग्रेस और भाजपा से धन लेने लेकिन वोट उनकी पार्टी (आप) को देने को कहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर निर्देश दिया था कि वह इस तरह की टिप्पणियों से बचें और इसका उल्लंघन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रहने और यह जानने के बावजूद कि रिश्वत लेना कानून के तहत दंडनीय है, केजरीवाल ने मतदाताओं को इस तरह की चीज करने के लिए उकसाया। शिकायतकर्ता ने रिश्वत के लिए उकसाने, पेशकश करने और स्वीकार करने के कथित अपराधों में केजरीवाल पर मुकदमा चलाने तथा भारतीय दंड संहिता के तहत दंड दिए जाने का आग्रह किया।