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कांग्रेस ने अमानतुल्ला खान पर लगाया दिल्ली वक्फ बोर्ड की नियुक्तियों में घोटाले का आरोप

इस मामले में दिल्ली कांग्रेस ने बाकायदा एक लेटर जारी किया है, जिसमें उन सात लोगों के नाम और अमनातुल्ला खान से उनका रिश्ता दिखाया गया है.

कांग्रेस ने अमानतुल्ला खान पर लगाया दिल्ली वक्फ बोर्ड की नियुक्तियों में घोटाले का आरोप
कांग्रेस ने कहा है कि इस सबके लिए जिम्मेदार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने विवादित होते हुए भी दोबारा से अमानतुल्ला खान को वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन बनाया.

नई दिल्ली: दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष और AAP विधायक अमानतुल्ला खान फिर से विवादों में घिर गए हैं. अमानतुल्ला खान पर दिल्ली कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बोर्ड की हाल ही में हुई नियुक्तियों में धांधली की है. पिछले दिनों दिल्ली वक्फ बोर्ड में हुई 33 नियुक्तियों में से 7 लोग अमानतुल्ला खान के रिश्तेदार है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से कहा गया है कि सिर्फ नियुक्तियों में धांधली नहीं हुई, बल्कि चयन समिति में भी अमानतुल्ला खान ने अपने लोगों को रखा और 4 में से 3 लोग अमानतुल्लाह खान के रिश्तेदार या करीबी हैं. इन्होंने ही बाद में वक़्फ़ बोर्ड में नियुक्तियां की.

इस मामले में दिल्ली कांग्रेस ने बाकायदा एक लेटर जारी किया है, जिसमें उन सात लोगों के नाम और अमनातुल्ला खान से उनका रिश्ता दिखाया गया है, जिनको दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड में नौकरी पर रखा गया है. उनमें कलीम अहमद हैं जो अमानतुल्ला खान के मौसी के बेटे है. रफीउशान खान को खान का भतीजा बताया गया है. इसके अलावा मसीउल्लाह और हिदायतुल्ला चचेरे भाई हैं. बिलाल खान, फिरोज आलम, अमजद खान और किफ़ायतुल्ला खान का नाम भी इसी लिस्ट में शामिल है. जो अमनातुल्ला के रिश्तेदार और उनको नौकरी पर रखा गया है.

इस मामले में दिल्ली कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जितेंद्र कोचर ने कहा है कि इस सबके लिए जिम्मेदार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने विवादित होते हुए भी दोबारा से अमानतुल्ला खान को वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन बनाया. वहीं, विवाद सामने आने के बाद इस मामले में अमानतुल्ला खान कुछ भी कहने से बच रहे हैं. उन्होंने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया. अमानतुल्ला खान दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के दूसरी बार अध्यक्ष बने थे. पहली बार उनके अध्यक्ष रहते हुए भी नियुक्तियों में धांधली के आरोप लगे थे, जिनके ख़िलाफ़ दिल्ली एलजी ने जांच भी बैठाई थी और बाद में विवाद बढ़ने पर दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड को भंग कर दिया था.