पंचकूला हिंसा मामला: राम रहीम की करीबी हनीप्रीत पर नहीं चलेगा देशद्रोह का केस

एफआइआर नंबर 345 में हनीप्रीत सहित सभी आरोपियों पर से देशद्रोह की धारा हटा दी गई है.

पंचकूला हिंसा मामला: राम रहीम की करीबी हनीप्रीत पर नहीं चलेगा देशद्रोह का केस
हनीप्रीत (फाइल फोटो)

चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस (police) द्वारा पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को हुई हिंसा में मुख्य आरोपी हनीप्रीत (Honeypreet) पर लगाई गई देशद्रोह की धाराओं को पंचकूला (panchkula) के अतिरिक्त सेशन जज संजय संधीर की अदालत ने हटा दिया है. इस मामले में बहस के बाद शनिवार को आरोप तय कर दिए गए. एफआइआर नंबर 345 में हनीप्रीत सहित सभी आरोपियों पर से देशद्रोह की धारा हटा दी गई है.

हनीप्रीत व अन्य आरोपियों पर से धारा 121 व 121ए हटाते हुए अब धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत आरोप तय किए गए हैं. डेरा सच्चा सौदा  (Dera Sacha Sauda) प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Ram Rahim) की सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत सहित सभी आरोपियों पर पंचकूला हिंसा मामले में शनिवार को सुनवाई हुई. हनीप्रीत को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश किया गया.

यह एफआइआर 28 अगस्त को दर्ज की गई थी, जिसमें पंचकूला में हुई हिंसा का आरोप सुरेंद्र धीमान और डा. आदित्य पर लगा था. एफआइआर नंबर 345 में हनीप्रीत के अलावा सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोविंद, प्रदीप कुमार, गुरमीत कुमार, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खरैती लाल, चमकौर, राकेश, दिलावर सिंह भी आरोपी है, जिनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश हो चुकी है. हनीप्रीत के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह बनाए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं.

हनीप्रीत और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आइपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जिसमें कहा गया है कि आरोपियों ने राम रहीम को छुड़वाने की साजिश रची और हिंसा की. इसमें 32 लोगों की मौत हुई और 200 घायल हो गए थे. आरोपी डा. आदित्य को गिरफ्तार करना बाकी है.

25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ पंचकूला आई गाड़ियों के बारे में डेरा की चेयरपर्सन विपासना ने पंचकूला पुलिस की ओर से मांगी गई जानकारियां उपलब्ध करवा दी थी. विपासना ने डेरे से संबंधित 8 गाडिय़ों के बारे में सूचना दे दी थी. साथ ही उनके साथ आए लोगों के बारे में भी जानकारी दी है. 

इन गाडिय़ों में 25 अगस्त को कौन-कौन आए थे और गाडिय़ों को कौन चला रहा था, इस बारे में भी विपासना की ओर से डिटेल जवाब पंचकूला पुलिस को थमा दिया गया था. इसके बाद तीन -चार नोटिस देने के बाद एक बार विपासना पंचकूला पुलिस के समक्ष पेश हुई थी.

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