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प्रदूषण: CPCB की सिफारिश- दिवाली के बाद दिल्ली में भारी वाहनों की एंट्री पर लगे बैन

सफर की रिपोर्ट में कहा गया,‘पिछली दीपावली के मुकाबले यदि विषैले पटाखे 50 फीसदी कम भी चलाए जाएंगे तो भी आठ और नौ नवंबर को कम से कम दो दिन तक वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी.’

प्रदूषण: CPCB की सिफारिश- दिवाली के बाद दिल्ली में भारी वाहनों की एंट्री पर लगे बैन
दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई जहां पराली जलाए जाने वाले क्षेत्रों से लगातार हवा बहकर इधर आ रही है. (फोटो साभार - रॉयटर्स)

नई दिल्ली: सीपीसीबी ने अधिकारियों से सिफारिश की है कि दीपावली के बाद दो दिन तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश को रोक दिया जाए क्योंकि तब वायु गुणवत्ता के और खराब होकर बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचने के आसार हैं.

पर्यावरण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव ने मंगलवार को परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की और आठ से 10 नवंबर तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी की सिफारिश की.

सीपीसीबी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ये वाहन प्रदूषण को बहुत बढ़ाते हैं. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पहले से ही बेहद खतरनाक श्रेणी में चल रहा है, ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी की परेशानी और बढ़ सकती है.

केंद्र की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) की ओर से कहा गया कि पिछले साल की तुलना में इस साल विषैले पटाखे कम भी चलाए जाएं तो भी दीपावली के बाद आठ नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता के और खराब होकर ‘बेहद गंभीर और आपात’ की श्रेणी में पहुंचने की आशंका है.

सफर की रिपोर्ट में कहा गया,‘पिछली दीपावली के मुकाबले यदि विषैले पटाखे 50 फीसदी कम भी चलाए जाएंगे तो भी आठ और नौ नवंबर को कम से कम दो दिन तक वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी.’

वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई
दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई जहां पराली जलाए जाने वाले क्षेत्रों से लगातार हवा बहकर इधर आ रही है. अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए आगाह किया कि इस दिवाली पर पिछले साल की तुलना में कम प्रदूषणकारी पटाखे फोड़े जाने के बाद भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 394 के स्तर पर दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. बोर्ड ने कहा कि सोमवार को एक्यूआई 434 के स्तर पर गंभीर श्रेणी में रिकार्ड किया गया था जो इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक था.

मंगलवार को दिल्ली में पीएम2.5 कणों का स्तर 243 वहीं पीएम10 का स्तर 372 दर्ज किया गया. सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पीएम2.5 का स्तर 237 और पीएम10 का स्तर 366 दर्ज किया गया. दिल्ली में 12 इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ दर्ज की गयी, वहीं 13 इलाकों में ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई. अधिकारी लगातार बने हुए प्रदूषण की वजह हवा की दिशा को बताते हैं जो पंजाब और हरियाणा के उन इलाकों से बह रही है जहां पराली जलाई जाती है. 

(इनपुट - भाषा)